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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग के आर्ष कन्या गुरुकुल में 15वां वार्षिक महोत्सव: वैदिक मंत्रोच्चार और महायज्ञ से गुंजायमान हुआ वातावरण

हजारीबाग के आर्ष कन्या गुरुकुल में 15वां वार्षिक महोत्सव: वैदिक मंत्रोच्चार और महायज्ञ से गुंजायमान हुआ वातावरण

HAZARIBAGH: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले हजारीबाग के नवाबगंज स्थित आर्ष कन्या गुरुकुल में गुरुवार को एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहाँ प्राचीन भारतीय परंपरा और आधुनिक समाज का मिलन हुआ। अवसर था गुरुकुल के 15वें वार्षिक महोत्सव का, जिसे 'विश्वकल्याण महायज्ञ' के रूप में बेहद भव्य तरीके से मनाया गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि वर्तमान दौर में भी हमारी वैदिक शिक्षा पद्धति और संस्कार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन काल में थे। प्रातः काल से ही गुरुकुल का प्रांगण केसरिया ध्वजों, फूलों की सजावट और वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ से जीवंत हो उठा था। जिले के सुदूर प्रखंडों से आए श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों की उपस्थिति ने इस महोत्सव को एक जन-उत्सव का रूप दे दिया।

हजारीबाग के आर्ष कन्या गुरुकुल में आयोजित 15वें वार्षिक महोत्सव के दौरान महायज्ञ में आहुति देते अतिथि और वैदिक मंत्रोच्चार करतीं छात्राएं।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण वहां आयोजित भव्य महायज्ञ रहा, जिसमें आचार्यों के निर्देशन में पूर्ण विधि-विधान के साथ आहुतियां डाली गईं। यज्ञ की अग्नि से निकलता धुआं और सामग्री की सुगंध ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से राष्ट्र की समृद्धि, विश्व शांति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान गुरुकुल की कन्याओं और नन्हे ब्रह्मचारियों का आत्मविश्वास देखते ही बनता था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे इन विद्यार्थियों ने जब एक सुर में वेदमंत्रों का उच्चारण किया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध रह गया। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि आर्ष कन्या गुरुकुल नई पीढ़ी को केवल साक्षर ही नहीं बना रहा, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से भी जोड़ रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग के जाने-माने युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शिक्षा के उस स्वरूप पर बल दिया जो मनुष्य का सर्वांगीण विकास करे। उन्होंने कहा कि आज के इस तकनीक प्रधान युग में जहां सूचनाओं की भरमार है, वहां चरित्र निर्माण की शिक्षा का अभाव दिख रहा है। ऐसी स्थिति में गुरुकुल जैसे संस्थान समाज के लिए प्रकाश स्तंभ की तरह कार्य कर रहे हैं। गुरुकुल की शिक्षा पद्धति भारतीय संस्कृति की आत्मा है क्योंकि यहाँ विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया जाता है। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि हजारीबाग की पावन धरती पर बेटियों को वेदों की शिक्षा देकर उन्हें सशक्त और संस्कारवान बनाया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राहुल कुमार ने भी शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए बच्चों का नैतिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है। गुरुकुल में जो दिनचर्या और संस्कार सिखाए जाते हैं, वे बच्चों के मानसिक विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं। उनके अनुसार, तनावपूर्ण आधुनिक जीवन में वैदिक जीवन शैली ही शांति का एकमात्र मार्ग है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक लघु नाटिकाओं ने भारतीय गौरवगाथा को जीवंत कर दिया, जिसमें स्वदेशी, योग और आयुर्वेद के महत्व को दर्शाया गया था।

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महोत्सव की सफलता में गुरुकुल प्रबंधन समिति, आचार्यों और स्थानीय नागरिकों का अभूतपूर्व योगदान रहा। व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित थी कि हजारों की संख्या में आए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। यह 15वां वार्षिक महोत्सव केवल एक आयोजन बनकर नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में यह संदेश प्रसारित किया कि अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखकर ही हम एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकते हैं। हजारीबाग के सामाजिक और धार्मिक इतिहास में इस दिन को एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जहाँ सनातन का जयघोष केवल नारों में नहीं बल्कि व्यवहार और संस्कारों में गूंजता दिखाई दिया।


Naresh Soni Editor in Chief.

सनातन आस्था का भव्य संगम: खुटरा में 100 फीट ऊंचे महावीर झंडे का विधिवत पूजन

सनातन आस्था का भव्य संगम: खुटरा में 100 फीट ऊंचे महावीर झंडे का विधिवत पूजन

हजारीबाग: जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत खुटरा गांव में उस समय भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब आकाश को चूमते 100 फीट ऊंचे श्री महावीर झंडे का भव्य पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। भगवा ध्वज की स्थापना और पूजन के दौरान पूरा वातावरण जय श्री राम और जय हनुमान के उद्घोष से गुंजायमान रहा। विधायक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की और बजरंगबली से संपूर्ण क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं जन-कल्याण की मंगल कामना की।
खुटरा में 100 फीट ऊंचे महावीर ध्वज के सम्मुख पूजा-अर्चना करते विधायक प्रदीप प्रसाद एवं उपस्थित गणमान्य जन-1

खुटरा में 100 फीट ऊंचे महावीर ध्वज के सम्मुख पूजा-अर्चना करते विधायक प्रदीप प्रसाद एवं उपस्थित गणमान्य जन-2

इस गौरवमयी अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि खुटरा की पावन धरती पर 100 फीट ऊंचे ध्वज की स्थापना केवल एक धार्मिक कार्य नहीं है, बल्कि यह सनातन समाज की अटूट आस्था, अपार शक्ति और संगठित एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब समाज अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़कर इस तरह के विशाल आयोजन करता है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा पुंज बन जाता है। उनके अनुसार, खुटरा के सनातनियों ने जिस समर्पण और भव्यता के साथ इस कार्य को संपन्न किया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और अत्यंत सराहनीय है।

विधायक ने समाज में धार्मिक आयोजनों की महत्ता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी असली पहचान है। ऐसे सामूहिक अनुष्ठान न केवल आत्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में व्याप्त भेदभाव को मिटाकर एकता और समरसता का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब वैश्विक स्तर पर संस्कृतियों का क्षरण हो रहा है, तब खुटरा जैसे गांव अपनी परंपराओं को सहेजकर और उन्हें इतना भव्य रूप देकर भारतीय संस्कृति की ध्वजा को और ऊंचा कर रहे हैं। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि आस्था के सूत्र में बंधा समाज ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने स्थानीय हिंदू भाई-बहनों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी की एकजुटता ने इस संकल्प को साकार किया है। उन्होंने प्रत्येक ग्रामवासी के योगदान की प्रशंसा की और कहा कि इस ऊंचे ध्वज की छाया में समाज हमेशा सुरक्षित और सुखी रहेगा। यह आयोजन केवल खुटरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूँज दूर-दूर तक जाएगी और लोगों में धर्म के प्रति नई चेतना जागृत करेगी।

इस धार्मिक महाकुंभ में विधायक के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशिष्ट अतिथियों में जिला परिषद सदस्या मंजू नंदनी, करण जयसवाल और प्रशांत प्रधान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संगठन की ओर से कटकमसांडी पूर्वी मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, सदर पश्चिमी मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव और सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके अलावा जीवन मेहता, विरेन्द्र वीरू, विधायक प्रतिनिधि सुमन राय, कंचनपूर मुखिया प्रतिनिधि अशोक राणा, गदोखर मुखिया नारायाण साव और मनीष ठाकुर ने भी पूजन में हिस्सा लिया।
वरिष्ठ भाजपा नेताओं और स्थानीय प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। इनमें महावीर सिंह, विनोद सिंह, राकेश सिंह, विरेन्द्र ओझा, दिलीप रवि, दीपक मेहता, पवन गिरि, प्रमेश्वर मेहता, अजय साव, रामू राम, जगदीप राणा और विजय मिश्रा जैसे नाम शामिल थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं ने भी इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनते हुए श्रद्धापूर्वक शीश नवाया।

खुटरा का यह आयोजन प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर ध्वज की स्थापना के लिए ग्रामीणों ने महीनों से तैयारी की थी। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों का स्व-अनुशासन देखने लायक था। शाम होते-होते झंडे की ऊंचाई और उस पर फहराता विशाल ध्वज पूरे प्रखंड के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने अंत में सभी को इस सफल आयोजन की बधाई दी और निरंतर धर्म एवं समाज सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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