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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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विशेष लेख: नशे के गर्त में समाती युवा पीढ़ी— हजारीबाग के लिए खतरे की घंटी!

विशेष लेख: नशे के गर्त में समाती युवा पीढ़ी— हजारीबाग के लिए खतरे की घंटी!

रामनवमी के उल्लास के बीच 'सूखे नशे' का बढ़ता साया, युवाओं की बर्बादी पर रंजन चौधरी ने जताई गहरी चिंता।

हजारीबाग: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव 'रामनवमी' का महापर्व हजारीबाग की पहचान है। लेकिन वर्ष 2026 की रामनवमी के दौरान उभरी एक कड़वी सच्चाई ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। नशे के अवैध कारोबार और विशेषकर 'सूखे नशे' की बढ़ती खपत ने यह साबित कर दिया है कि हमारी भावी पीढ़ी एक खतरनाक मोड़ पर खड़ी है।
नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान और हजारीबाग पुलिस की कार्रवाई।


आस्था के बीच नशे का जहर: एक गंभीर चुनौती

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस विषय पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए 'आत्मघाती संकेत' बताया है। उन्होंने कहा कि जिस पर्व को हम अपनी संस्कृति और आस्था का प्रतीक मानते हैं, उसी के बीच नशे के जाल का फैलना हमारी युवा शक्ति पर सीधा प्रहार है। महज 21-22 साल की उम्र में युवाओं का नशे और अपराध की भेंट चढ़ जाना किसी भी परिवार के लिए सर्वस्व समाप्त होने जैसा है। इस बार दो घरों के चिराग बुझ जाना इसका जीवंत और दुखद उदाहरण है।

हजारीबाग पुलिस की सक्रियता और नई चुनौतियां

लेख में हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन के प्रयासों की सराहना भी की गई है। उनके आने के बाद जिले में नशे के अवैध कारोबारियों की कमर टूटी है और कई सकारात्मक पहल हुई हैं। हालांकि, रामनवमी के दौरान नशे की खपत में हुई वृद्धि पुलिस प्रशासन के लिए भी एक नई चुनौती बनकर उभरी है। रंजन चौधरी ने पुलिस विभाग से मांग की है कि 'सूखे नशे' के सौदागरों पर अब और भी कठोर प्रहार करने का समय आ गया है।

सामूहिक जिम्मेदारी का समय

यह केवल प्रशासन की लड़ाई नहीं है। रंजन चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब समय केवल अफसोस जताने का नहीं, बल्कि सामूहिक आत्ममंथन का है।

जनप्रतिनिधि और प्रशासन: नीतियों और सख्ती पर जोर दें।

अभिभावक: अपने बच्चों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

प्रबुद्ध समाज: नशे के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच तैयार करें।

निष्कर्ष: यदि हम आज एकजुट होकर इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध नहीं खड़े हुए, तो आने वाली नस्लें नशे की भेंट चढ़ जाएंगी। अपनी युवा शक्ति को पतन से बचाना ही आज के समय की सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है। हजारीबाग की इस पावन धरा को नशे के जहर से मुक्त कराना हम सबका साझा संकल्प होना चाहिए। 

Naresh Soni Editor in Chief, NEWS PRAHARI.

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