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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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झारखंड निकाय चुनाव परिणाम: कुणाल यादव बोले- शहरों ने दिया बदलाव का संदेश, टूटा भाजपा का मिथक

झारखंड निकाय चुनाव परिणाम: कुणाल यादव बोले- शहरों ने दिया बदलाव का संदेश, टूटा भाजपा का मिथक

हजारीबाग: झारखंड के नगर निकाय चुनाव परिणामों के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के हजारीबाग जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने चुनाव नतीजों का विश्लेषण करते हुए इसे राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव करार दिया है।

झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के हजारीबाग जिला प्रवक्ता कुणाल यादव।

उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि शहरी क्षेत्रों में खुद को अजेय समझने वाली भाजपा को इस बार मतदाताओं ने एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। कुणाल यादव के अनुसार, शहरों की जनता ने यह साबित कर दिया है कि अब केवल खोखले दावे और प्रचार का दौर खत्म हो चुका है और अब जवाबदेही के साथ धरातल पर काम करने वालों को ही समर्थन मिलेगा।

चुनाव परिणामों की ओर इशारा करते हुए झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि कई शहरी निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की हार यह दर्शाती है कि शहरी मतदाता अब एकतरफा समर्थन देने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रमुख नगर निगमों को छोड़ दें तो भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जबकि गिरिडीह और देवघर जैसे अहम नगर निगमों में पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराकर यह साफ कर दिया है कि जनता अब व्यवस्था में वास्तविक बदलाव की आकांक्षा रखती है।

नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित उम्मीदवारों द्वारा किए गए शानदार प्रदर्शन को कुणाल यादव ने पार्टी की बढ़ती हुई जन-स्वीकार्यता बताया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह सफलता केवल सीटों का गणित नहीं है, बल्कि यह जनता के अटूट विश्वास की राजनीति का परिणाम है। उनके अनुसार, मतदाताओं ने उन ताकतों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है जो जमीनी और जनहित के मुद्दों पर काम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जो दल शहरों को अपनी स्थायी जागीर और गढ़ मानता था, उसे अब कड़वी हकीकत का सामना करना पड़ रहा है। जनता अब झूठी उम्मीदों और हकीकत के बीच का अंतर बहुत अच्छी तरह से समझ चुकी है, जिसके कारण जनादेश अब धीरे-धीरे खिसक रहा है।

अपनी बात का समापन करते हुए कुणाल यादव ने भरोसा जताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस भारी जनसमर्थन को एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का अंतिम उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में एक अत्यंत पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की स्थापना करना है। शहरों में बुनियादी सुविधाओं का तेज गति से विस्तार करने के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं और व्यापारी वर्ग के लिए एक सुरक्षित तथा बेहतर माहौल का निर्माण करना ही झामुमो की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।

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