रामनवमी के उत्साह के बीच हजारीबाग में पसरा मातम, आपसी विवाद में गई जान, पुलिस प्रशासन अलर्ट
HAZARIBAGH: झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी माना जाने वाला हजारीबाग शहर इन दिनों गहरे शोक और स्तब्धता की लहर में डूबा हुआ है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव यानी रामनवमी के पावन अवसर पर जहाँ पूरे जिले में जय श्री राम के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान होना चाहिए था, वहीं कुछ अप्रिय और हिंसक घटनाओं ने उत्सव के रंग में भंग डाल दिया है। हजारीबाग के विभिन्न क्षेत्रों से आई हिंसक झड़पों और जानलेवा हमलों की खबरों ने न केवल स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि आम जनमानस को भी झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में सबसे दुखद समाचार कटकमसांडी प्रखंड के गदोखर पंचायत से सामने आया है, जहाँ एक मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि एक हँसते-खेलते परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया।
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| हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते जनप्रतिनिधि और अधिकारी। |
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम गदोखर में रामनवमी के उपलक्ष्य में निकाले गए एक पारंपरिक जुलूस के दौरान खूनी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। यहाँ गदोखर पंचायत के मुखिया के भाई श्री राम कुमार साव, जिन्हें क्षेत्र में लोग प्यार से रामा साव (उम्र लगभग 40 वर्ष) के नाम से जानते थे, पर गांव में ही कुछ लोगों ने घातक हथियार 'भुजाली' से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हमला इतना अचानक और भीषण था कि रामा साव को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और उनकी दुखद मृत्यु हो गई। एक जिम्मेदार नागरिक और जनप्रतिनिधि के परिवार के सदस्य की इस तरह सरेआम हत्या ने ग्रामीणों के आक्रोश को चरम पर पहुँचा दिया है।
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| हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उमड़ी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते जनप्रतिनिधि और अधिकारी। |
हजारीबाग शहर के अन्य हिस्सों में भी स्थिति सामान्य नहीं रही। दीपूगढ़ा क्षेत्र में भी चाकूबाजी की एक गंभीर घटना प्रकाश में आई है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। वहीं शहर के भीतर से गुजर रहे एक अन्य जुलूस में भी उपद्रवियों ने एक व्यक्ति के सीने में चाकू घोंप दिया। घायल की नाजुक स्थिति को देखते हुए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल रिम्स (RIMS) रांची रेफर कर दिया है। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि किस प्रकार असामाजिक तत्वों ने पर्व की गरिमा को ताक पर रखकर कानून व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया है। मामूली कहासुनी और व्यक्तिगत रंजिश को इस पावन पर्व के मंच पर निकालना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह हजारीबाग की उस गौरवशाली परंपरा के भी विरुद्ध है जहाँ रामनवमी को भाईचारे और अनुशासन का प्रतीक माना जाता रहा है।
इन तमाम घटनाओं की सूचना मिलते ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री मनीष जायसवाल जी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और अपने प्रतिनिधियों को अस्पतालों में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। सांसद के निर्देशों का पालन करते हुए राहत और समन्वय कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहे ताकि पीड़ितों के परिजनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की जा सके और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का हुजूम हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचा, जहाँ उन्होंने शोकाकुल मुखिया परिवार और आक्रोशित ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान अस्पताल परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टाला जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर हजारीबाग पुलिस अधीक्षक श्री अंजनी अंजन जी ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया है कि जिले की शांति भंग करने वाले और हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। देर रात्रि तक अस्पताल में कटकमसांडी के अंचलाधिकारी (सीओ) श्री अनिल कुमार गुप्ता, पेलावल थाना प्रभारी श्री वेदप्रकाश पांडेय और कोर्रा थाना प्रभारी श्री अजीत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कैंप करते नजर आए। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस समय जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अफवाहों को फैलने से रोकना है।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि रामनवमी का त्यौहार त्याग, तपस्या और मर्यादा का संदेश देता है। भगवान श्री राम ने सदैव अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना की और समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। ऐसे में उनके नाम पर निकाले जाने वाले जुलूसों में हथियार निकालना या आपसी दुश्मनी भुनाना पूरी तरह से अनैतिक है। हजारीबाग के तमाम रामभक्तों और नागरिकों से यह विनम्र अपील है कि वे धैर्य से काम लें और किसी भी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई में शामिल न हों। आपसी सौहार्द ही हमारे समाज की असली शक्ति है। यदि हम मामूली विवादों में अपनों की जान लेने पर उतारू हो जाएंगे, तो हम उस आदर्श समाज की कल्पना कभी नहीं कर पाएंगे जिसका सपना प्रभु श्री राम ने देखा था।
गदोखर की इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम वास्तव में त्यौहारों के मूल उद्देश्य को समझ पा रहे हैं? एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है, एक पंचायत ने अपना कर्मठ साथी खोया है और हजारीबाग ने अपनी शांति खोई है। अब समय है कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग आगे आएं और युवाओं को सही दिशा दिखाएं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन नागरिक होने के नाते हमारा भी कर्तव्य है कि हम कानून का सम्मान करें और पुलिस को जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी और हजारीबाग में पुनः शांति और विश्वास का वातावरण स्थापित होगा।
Naresh Soni Editor in Chief.


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