विष्णुगढ़ कांड 'निर्भया' जैसी दरिंदगी पर भड़कीं अंबा प्रसाद, राज्यपाल से की हजारीबाग SP को हटाने और CBI जांच की मांग
पुलिस प्रशासन की विफलता पर उठाए सवाल, राज्य महिला आयोग को तुरंत सक्रिय करने और पीड़ित परिवार के पुनर्वास का सौंपा ज्ञापन।
Naresh Soni Editor in Chief ( www.newsprahari.im )
रांची/हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ में हुई विभत्स और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्य के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की।
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| Amba Prasad submitting memorandum to Jharkhand Governor Santosh Gangwar regarding Vishnu Garh incident. |
अंबा प्रसाद ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में विष्णुगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस कांड की तुलना दिल्ली के 'निर्भया कांड' से करते हुए इसे उससे भी अधिक दर्दनाक और घृणित करार दिया।
पुलिस प्रशासन की विफलता और निलंबन की मांग
अंबा प्रसाद ने राज्यपाल से शिकायत की कि विष्णुगढ़ थाना कांड संख्या 42/2026 में पुलिस अब तक अंधेरे में तीर चला रही है। उन्होंने सीधे तौर पर हजारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP) की कार्यकुशलता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उनके स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, संबंधित डीएसपी और विष्णुगढ़ थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आग्रह किया है।
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| Soupy gayee aawedan |
प्रमुख मांगें जो ज्ञापन में शामिल हैं
CBI जांच: स्थानीय पुलिस की विफलता को देखते हुए मामले का अनुसंधान सीबीआई को सौंपा जाए।
महिला आयोग की सक्रियता: राज्य में निष्क्रिय पड़े महिला आयोग को अविलंब क्रियाशील बनाया जाए ताकि महिलाओं को न्याय मिल सके।
मुआवजा और पुनर्वास: पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक फेरबदल: कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
राज्यपाल ने दिया आश्वासन
अंबा प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग पुलिस या तो मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है या फिर तथ्यों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। महामहिम राज्यपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक को उचित दिशा-निर्देश जारी करने और व्यक्तिगत हस्तक्षेप का भरोसा दिलाया है। **


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