🚨 दारू: जिनगा पंचायत भवन में पुलिस की बड़ी पाठशाला; महिलाओं को दी साइबर अपराध, घरेलू हिंसा और 'Zero FIR' की जानकारी
दारू (हजारीबाग): ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस लगातार जन जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में रविवार (21 जून) को दारू थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना क्षेत्र के ग्राम जिनगा स्थित पंचायत भवन में एक विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं, युवतियां और पंचायत के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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| Daru: Police hold an awareness session at the Jinga Panchayat Bhawan; women informed about cybercrime and 'Zero FIR' |
📋 इन गंभीर सामाजिक और आपराधिक विषयों पर किया गया जागरूक
थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने उपस्थित महिलाओं और जनप्रतिनिधियों को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया:
- नशा मुक्ति और बाल विवाह: समाज को खोखला कर रही नशे की लत से बच्चों को दूर रखने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की गई।
- घरेलू हिंसा और मानव तस्करी: महिलाओं के साथ होने वाली घरेलू हिंसा और सीधे-साधे ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर होने वाले मानव व्यापार (Human Trafficking) के खिलाफ कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
- साइबर अपराध व धोखाधड़ी: फोन पर आने वाले अनजान कॉल, लॉटरी के झांसे और अनजान व्यक्तियों को परिचित मानकर अपनी गोपनीय जानकारी (जैसे ओटीपी, बैंक डिटेल) साझा न करने की सलाह दी गई, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
- नाबालिग बच्चों का रख-रखाव: माता-पिता को अपने नाबालिग बच्चों की गतिविधियों, उनके रख-रखाव और उनके मानसिक व शारीरिक बदलावों पर विशेष ध्यान देने का तरीका बताया गया।
💡 समय पर सूचना देने की अपील और 'Zero FIR' की दी गई अहम जानकारी
बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति सशक्त बनाते हुए दो बेहद महत्वपूर्ण बातें बताईं:
- ससमय सूचना (Timely Information): क्षेत्र में होने वाले किसी भी आपराधिक मामले, संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते बड़ी वारदात को रोका जा सके। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
- जीरो एफआईआर (Zero FIR): महिलाओं और ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि यदि अपराध किसी दूसरे थाना क्षेत्र में भी हुआ हो, तो पीड़ित किसी भी नजदीकी थाने (जैसे दारू थाना) में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस बिना क्षेत्र का विवाद किए 'जीरो एफआईआर' दर्ज करेगी और बाद में उसे संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
बैठक के अंत में उपस्थित महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और एक भयमुक्त व जागरूक समाज बनाने में पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का संकल्प लिया।

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