🏛️ हजारीबाग: पुलिस कप्तान का महा-मंथन; लंबित कांडों और वारंटियों पर कड़ा विधिक एक्शन, थानों में हर सोमवार को होगी विधिक समीक्षा बैठक
हजारीबाग: जिले में विधिक न्याय प्रणाली को गति देने और थानों में लंबित पड़े मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी और कड़क विधिक कवायद शुरू की गई है। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने एक हाई-प्रोफाइल क्राइम मीटिंग बुलाई। दिनांक 07 जुलाई 2026 को आयोजित इस महत्वपूर्ण विधिक बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सदर और थाना के सभी विधिक पुलिस पदाधिकारियों के साथ नए और पुराने सभी प्रकार के लंबित विधिक कांडों की विस्तृत और बिंदुवार विधिक समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, हजारीबाग से प्राप्त आधिकारिक विधिक रिपोर्ट के अनुसार, इस महा-मंथन के दौरान कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पुलिस कप्तान ने स्पष्ट विधिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर होने वाली देरी को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि थानों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय विधिक प्राथमिकताओं के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाना समय की मुख्य विधिक मांग है।
🏬 वर्ष 2025 से पहले के पेंडिंग कांडों को अविलंब निपटाने का कड़ा विधिक आदेश; फरार वारंटियों और कुर्की-जब्ती के मामलों पर चलेगा विशेष विधिक अभियान
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आधिकारिक विधिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि बैठक के दौरान सबसे अधिक ध्यान उन मामलों पर केंद्रित किया गया जो लंबे समय से विधिक पचड़े में फंसे हुए हैं। पुलिस कप्तान ने विधिक आदेश जारी करते हुए कहा कि वर्ष 2025 के पूर्व तथा वर्तमान में जितने भी कांड विभिन्न विधिक कारणों से लंबित पड़े हैं, उन सभी कांडों को पहली प्राथमिकता की सूची में रखते हुए अविलंब विधिक निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, सदर थाना क्षेत्र के भीतर जितने भी जमानती तथा गैरजमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती के विधिक मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं, उन्हें ठंडे बस्ते से बाहर निकाला जाएगा। इन सभी पेंडिंग वारंटों और विधिक आदेशों के निष्पादन के लिए पूरे जिले में एक विशेष विधिक अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत कानून की नजरों से भाग रहे अपराधियों को दबोचकर विधिक अभिरक्षा में जेल भेजा जाएगा। विधिक प्रक्रिया की निरंतरता को बनाए रखने के लिए यह कड़ा निर्देश भी जारी किया गया है कि प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को थाना स्तर पर सभी मुस्तैद पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक अनिवार्य विधिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रगति की सीधी विधिक रिपोर्ट तैयार होगी।
🛑 नशे के अवैध सौदागरों और साइबर अपराधियों पर गिरेगा विधिक हंटर; भूमि विवादों के निपटारे के लिए अंचल और अनुमंडल अधिकारियों से बढ़ेगा विधिक पत्राचार
इस खोजी और आक्रामक विधिक समीक्षा बैठक में समाज को खोखला कर रहे नशे के कारोबार पर भी गहरी चोट करने की विधिक रणनीति तैयार की गई है। पुलिस अधीक्षक ने कड़े शब्दों में विधिक निर्देश दिया है कि जिले में जहां कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री या तस्करी संचालित की जा रही है, उन सभी गुप्त और संवेदनशील जगहों को विधिक रूप से चिन्हित किया जाए। इस काले धंधे में शामिल मुख्य सरगनाओं और उनके विधिक अभियुक्तों की पहचान कर एक विशेष विधिक छापेमारी अभियान के जरिए उनकी सलाखों के पीछे गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके समानांतर, आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर आम जनता को ठगने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ भी विधिक शिकंजा कसने का खाका खींचा गया है। साइबर अपराध से संबंधित जितने भी विधिक कांड पेंडिंग हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों की त्वरित विधिक गिरफ्तारी का फरमान सुनाया गया है। थानों में आने वाली आम जनता की समस्याओं को लेकर भी पुलिस कप्तान का रुख बेहद संवेदनशील रहा। उन्होंने निर्देशित किया कि थानों में पहुंचने वाली आम पब्लिक की विधिक समस्याओं को न सिर्फ ध्यान से सुना जाए, बल्कि समय-सीमा के भीतर उनका विधिक निष्पादन भी सुनिश्चित किया जाए। वहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था के लिए सिरदर्द बनने वाले जमीन विवाद के मामलों को लेकर स्पष्ट विधिक निर्देश दिया गया कि थाना दिवस के अवसर पर ऐसे सभी मामलों की समीक्षा की जाए और अग्रतर विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित अंचलाधिकारी (CO) तथा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के साथ त्वरित विधिक पत्राचार कर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि विवादों को विधिक रूप से शांत किया जा सके।
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