लोकभवन के समक्ष झारखंड कांग्रेस का प्रदर्शन: पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली पर केंद्र को घेरा
हजारीबाग: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर लोकभवन के समक्ष एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
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| Hazaribagh News: लोकभवन के समक्ष कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन! मुन्ना सिंह ने NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा। |
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अगुवाई में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, विधायकों, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हजारीबाग के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने भी इस आंदोलन में शामिल होकर युवाओं और अभ्यर्थियों के अधिकारों के लिए पुरजोर आवाज उठाई।
"पेपर लीक और प्रशासनिक विफलता से अधर में अभ्यर्थियों का भविष्य": मुन्ना सिंह
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा संचालन तंत्र पर सवाल खड़े किए:
- लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़: मुन्ना सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में NEET, UGC-NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और व्यापक पैमाने पर धांधली के मामले सामने आए हैं। इससे देश भर के लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता के गर्त में चला गया है।
- संवेदनहीन रवैया और कार्रवाई: नेताओं ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों और न्याय के लिए आवाज उठा रहे शांतिपूर्ण परीक्षार्थियों से संवाद करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है।
- पारदर्शी नियुक्ति की मांग: मुन्ना सिंह ने कहा कि आज देश का युवा वर्ग रोजगार की अनिश्चितता से चिंतित है। सरकार को बुनियादी समस्याओं से ध्यान हटाने के बजाय विभिन्न विभागों में रिक्त सरकारी पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अविलंब बहाली शुरू करनी चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित मांगें रखीं:
- राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रतियोगी परीक्षा प्रणालियों में तत्काल प्रशासनिक व तकनीकी सुधार लागू किए जाएं।
- पेपर लीक जैसी घटनाओं में संलिप्त संगठित गिरोहों और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- युवाओं के लिए रोजगार सृजन की समयबद्ध और स्पष्ट नीति जारी की जाए।

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