हजारीबाग: सांसद मनीष जायसवाल की फेसबुक पोस्ट पर अभद्र टिप्पणी, लोहसिंघना थाना में FIR दर्ज; माहौल बिगाड़ने की साजिश
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांसद मनीष जायसवाल ने आगामी रामनवमी महोत्सव को लेकर अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक प्रेरक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों में उत्साह जगाना और शांतिपूर्ण उत्सव की अपील करना था। हालांकि, इस पोस्ट के कमेंट बॉक्स में जावेद खान (Javid Khan) नामक एक फेसबुक यूजर ने मर्यादाओं की सभी सीमाएं लांघते हुए भगवान महादेव (शिव) के संदर्भ में बेहद अश्लील चित्र और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
सांसद ने दर्ज कराई प्राथमिकी (FIR No. 22/26)
इस घटना की गंभीरता और सनातन धर्म की आस्था पर हुए सीधे प्रहार को देखते हुए, सांसद मनीष जायसवाल ने स्वयं संज्ञान लिया। उन्होंने लोहसिंघना थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए कांड संख्या 22/26 के तहत आईपीसी (IPC) और आईटी एक्ट (IT Act) की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
धार्मिक विद्वेष फैलाने की गहरी साजिश
सांसद के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सांसद के फेसबुक पेज से 9 लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। ऐसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस प्रकार की अपमानजनक और भड़काऊ सामग्री साझा करना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। विशेषकर रामनवमी जैसे संवेदनशील समय में, जब पूरा हजारीबाग भक्तिमय माहौल में होता है, ऐसी टिप्पणियां करोड़ों हिंदुओं की आस्था को चोट पहुँचाने और सामाजिक समरसता को खंडित करने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती हैं।
सांसद मनीष जायसवाल की जनता से अपील
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने क्षेत्र की जनता से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम है, न कि किसी की आस्था का अपमान करने का। समाज में आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारा बना रहे, इसके लिए हम सबको सतर्क रहना होगा। किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने से बचें।"
पुलिस की चेतावनी
लोहसिंघना थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक उन्माद फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश की गई, तो उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। साइबर सेल इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है ताकि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
