हजारीबाग निकाय चुनाव का शंखनाद: मेयर पद के लिए पांच दिग्गजों ने भरी हुंकार, नामांकन के साथ चढ़ा शहर का सियासी पारा
हजारीबाग: लोकतंत्र के महापर्व का आगाज होते ही हजारीबाग की फिजाओं में सियासी तपिश महसूस होने लगी है। नगर निगम चुनाव 2026 की रणभेरी बजने के साथ ही बुधवार को समाहरणालय परिसर राजनीतिक गतिविधियों का अखाड़ा बन गया। नामांकन के इस महत्वपूर्ण दिवस पर प्रशासनिक अमले की
चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के हुजूम के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए चुनावी समर में ताल ठोक दी है। शहर के सियासी गलियारों में अब केवल हार-जीत के समीकरणों और जातीय गणित पर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है, जिसने ठंड के मौसम में भी माहौल को गर्मा दिया है।
नगर निगम की सत्ता के शीर्ष केंद्र यानी महापौर पद के लिए बुधवार का दिन निर्णायक रहा। इस प्रतिष्ठित कुर्सी के लिए पांच रसूखदार उम्मीदवारों ने निर्वाची पदाधिकारी श्री संतोष कुमार सिंह के समक्ष अपनी दावेदारी पेश की। अमरेंद्र नारायण, विकास कुमार राणा, आलोक कुमार, सुनील कुमार ठाकुर और सूरज कुमार ने अपने प्रस्तापकों के साथ नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर विरोधियों को कड़ी चुनौती देने का संकेत दे दिया है। इन पांचों दिग्गजों द्वारा नामांकन किए जाने के बाद यह तय हो गया है कि महापौर की कुर्सी का मुकाबला न केवल दिलचस्प होगा, बल्कि इसमें कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
दूसरी ओर, शहर की 'छोटी सरकार' यानी वार्ड पार्षदों के लिए भी मारामारी कम नहीं दिखी। विभिन्न वार्डों में प्रत्याशियों के बीच शह-मात का खेल शुरू हो चुका है। वार्ड संख्या एक में निखहत परवीन और साजदा खातून ने पर्चा भरकर महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया, तो वहीं वार्ड दो से फिरोज आलम और मोहम्मद सबा अहमद ने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। वार्ड तीन में रीना यादव और नेहा कुमारी तो वार्ड चार से छोटू प्रसाद राणा ने चुनावी मैदान में कदम रखा। विशेष रूप से वार्ड चौदह, सोलह, इक्कीस और बत्तीस में त्रिकोणीय संघर्ष की पटकथा लिखी जा रही है। वार्ड चौदह में मीनू देवी, पूनम प्रसाद और सुनीता कुमारी, जबकि वार्ड सोलह में मोहम्मद शमशाद, मोहम्मद जमील अहमद और शहीद रजा के बीच आर-पार की लड़ाई के आसार हैं। इसी तरह वार्ड इक्कीस में मोहम्मद अयातुल्लाह इरफान, वहीदा परवीन और मोहम्मद शाकेब खान तथा वार्ड बत्तीस में चंदन कुमार, मोहम्मद मुस्तकीम और विक्की विश्वकर्मा ने नामांकन कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
नामांकन की इस होड़ में शहर के अन्य वार्डों से भी कई चेहरे सामने आए। वार्ड आठ से प्रतिभा गुप्ता, नौ से मंगीता देवी, बारह से प्रियंका सिंह, पंद्रह से मनोरमा देवी, अठारह से रुपाली कुमारी, उन्नीस से शीला देवी, बाईस से मिताली रश्मि, उनतीस से कुणाल कुमार और इकतीस से सैबुन निशा ने अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई। वहीं, वार्ड सत्रह में कमरुद्दीन कुरैशी, मीना कुमारी और जवाहरलाल साव ने पर्चा भरा। वार्ड तेइस में शिवदत्त पांडे व पंकज कुमार सिन्हा, चौबीस में कंचन देवी व सरिता देवी, पच्चीस में सुमित कुमार रंजन व विनोद कुमार, सत्ताइस में ज्योति देवी व रानी गुप्ता और वार्ड तीस में आफरीन नसीम व शमां परवीन ने निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। वार्ड तैंतीस में कौशल्या देवी व नीता कुमारी, चौंतीस में कैलाश कुमार व नीलम सहाय तथा वार्ड पैंतीस में सुनीता कुमारी और खुशबू देवी के नामांकन के साथ ही इन क्षेत्रों में चुनावी बिगुल पूरी तरह से बज चुका है।
हालांकि, इस भारी गहमागहमी के बीच कुछ वार्डों में सन्नाटा भी पसरा रहा, जो सियासी पंडितों के लिए हैरानी का सबब बना हुआ है। वार्ड संख्या पांच, छह, सात, दस, ग्यारह, छब्बीस और अट्ठाइस में बुधवार को नामांकन का खाता नहीं खुल सका और यह संख्या 'शून्य' पर ही अटकी रही। इन वार्डों में अभी भी रणनीतिक चुप्पी छाई हुई है। बहरहाल, नामांकन के इस दौर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हजारीबाग नगर निगम का यह चुनाव प्रतिष्ठा और वर्चस्व की लड़ाई बनने जा रहा है, जिसका अंतिम निर्णय अब जनता जनार्दन के हाथों में सुरक्षित होगा।

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