हजारीबाग के सर्वांगीण विकास का संकल्प
- विकास राणा ने महापौर पद के लिए भरी हुंकार
हजारीबाग: नगर निगम के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य विकास राणा ने महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के पश्चात मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने हजारीबाग की तस्वीर बदलने का एक ठोस और दूरदर्शी रोडमैप साझा किया।
विकास राणा ने शहर की बुनियादी समस्याओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हजारीबाग की जनता लंबे समय से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता केवल फाइलों में विकास करना नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाना है। शहर में लंबे समय से लंबित 'चुंगी' की समस्या पर उन्होंने विशेष ध्यान केंद्रित किया और भरोसा दिलाया कि जीत के बाद इस जन समस्या का उचित समाधान निकाला जाएगा।
उन्होंने हजारीबाग को 'जाम मुक्त', 'प्रदूषण मुक्त' और 'धूल मुक्त' बनाने को अपनी सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता बताया। विकास राणा का मानना है कि शहर का विकास केवल नगर निगम कार्यालय के एसी कमरों से तय नहीं होना चाहिए, बल्कि हर गली-मोहल्ले और चौक-चौराहे पर जनता के बीच बैठकर विकास की योजनाएं बननी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हजारीबाग को एक स्वच्छ और सुंदर शहर के रूप में विकसित करना उनका मुख्य लक्ष्य है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी का जो भी निर्णय होगा, वे उसी के अनुरूप क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहेंगे। विकास राणा के इस नामांकन ने हजारीबाग की चुनावी जंग को और भी दिलचस्प बना दिया है, जहाँ उन्होंने एक ठोस विजन के साथ जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का संकेत दिया है। उनके आत्मविश्वास और जन सरोकारों से जुड़ी बातों ने हजारीबाग के राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

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