दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे अधिवक्ता मुख्तार, बार एसोसिएशन ने अपूरणीय क्षति बताया
संवाददाता, हजारीबाग:
हजारीबाग के कानूनी जगत से एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। बार एसोसिएशन, हजारीबाग के सक्रिय युवा अधिवक्ता मोहम्मद मुख्तार (39) का निधन 12 जुलाई 2026 को हो गया। वे विगत दो वर्षों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। रविवार सुबह लगभग 6:00 बजे शहर के चिश्तिया मोहल्ला स्थित अपने निजी आवास में उन्होंने अंतिम सांस ली।
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कानूनी पेशे में सक्रिय योगदान
अधिवक्ता मोहम्मद मुख्तार वर्ष 2020 में बार एसोसिएशन से जुड़े थे और तब से निरंतर वकालत के पेशे में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अपनी अल्प अवधि के करियर में उन्होंने अपनी मृदुभाषी और मिलनसार छवि के कारण सहकर्मियों के बीच एक विशिष्ट स्थान बनाया था। वे अपने पीछे पत्नी और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके लिए यह समय अत्यंत कष्टदायी है।
शोक की लहर और बार एसोसिएशन का निर्णय
अधिवक्ता के निधन की सूचना मिलते ही पूरे बार एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई। एसोसिएशन के वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने एक स्वर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मोहम्मद मुख्तार का व्यक्तित्व बेहद नेक और मिलनसार था। अधिवक्ताओं ने उनके निधन को बार एसोसिएशन के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया है, जिसे भविष्य में कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
बार एसोसिएशन के प्रभारी संयुक्त सचिव कुणाल कुमार ने जानकारी दी है कि स्वर्गीय मुख्तार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने और उन्हें अंतिम नमन करने के लिए सोमवार, 13 जुलाई 2026 को बार एसोसिएशन भवन में एक शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शोक सभा के उपरांत जिले के सभी अधिवक्ता अपने आप को न्यायिक कार्यों से विरत रखेंगे और शोक स्वरूप न्यायालय के कार्यों में शामिल नहीं होंगे। पूरा कानूनी समुदाय दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।

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