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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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खूँटी में राधेश्याम साहू हत्याकांड का रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: पत्नी और प्रेम प्रसंग के सहयोगियों ने गला दबाकर मारा, स्कूटी से ले जाकर जंगल में पत्थर से कुचला शव

 

खूँटी में राधेश्याम साहू हत्याकांड का रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: पत्नी और प्रेम प्रसंग के सहयोगियों ने गला दबाकर मारा, स्कूटी से ले जाकर जंगल में पत्थर से कुचला शव

"पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित तोरपा तोरपा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की टीम ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार; हत्या में प्रयुक्त डंडा, चप्पल और घटना के दिन का मोबाइल वीडियो बरामद"— विशेष क्राइम रिपोर्ट

क्राइम ब्यूरो, खूँटी:

खूँटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत तांबा जंगल के पास से बीते 15 जून 2026 को बरामद हुए राधेश्याम साहू के शव मामले का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए खूँटी पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देश पर तोरपा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष तकनीकी व छापामार टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित और कमानबद्ध कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात अपराधियों का सुराग लगाया और उनके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने हत्या में संलिप्त मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।

Khunti Radheshyam Sahu Murder Case Solved

लक्ष्मी देवी, संदीप मांझी और रविन्द्र मांझी ने कबूला अपना गुनाह

पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ और पुख्ता कड़ियों के सामने आते ही रनिया थाना कांड संख्या 22/2026 के नामजद और संदेहास्पद अभियुक्तों ने अपना-अपना दोष पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मी देवी, संदीप मांझी और रविन्द्र मांझी शामिल हैं। पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की जो खौफनाक साजिश बयां की, उसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले मृतक राधेश्याम साहू को उसके अपने ही घर के पास घेरकर डंडे से मारकर बुरी तरह घायल कर दिया था। इसके बाद पकड़े जाने के डर से गला दबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।

शव को ठिकाने लगाने के लिए स्कूटी का किया इस्तेमाल, जंगल में पत्थर से कुचला

अपराध को छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। राधेश्याम साहू की मौत सुनिश्चित होने के बाद अभियुक्तों ने उसके शव को उसी की स्कूटी पर लादा और रनिया थाना क्षेत्र के सुनसान तांबा जंगल ले गए। वहां साक्ष्य मिटाने और पहचान छुपाने की नीयत से शव को फेंक दिया और भारी पत्थरों से मृतक के चेहरे व शरीर को बुरी तरह कुचल दिया। 15 जून को जब पुलिस ने शव बरामद किया था, तब मृतक की शिनाख्त और हत्या के तरीकों को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन पुलिस की तत्परता से पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

अभियुक्तों के मोबाइल से मिला घटना के दिन का वीडियो और फोटो, भेजे गए जेल

खूँटी पुलिस को इस अंधे कत्लकांड की गुत्थी सुलझाने में तकनीकी साक्ष्यों से बहुत बड़ी मदद मिली है। पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही और तकनीकी जांच के आधार पर वारदात में इस्तेमाल किए गए कई महत्वपूर्ण साक्ष्य विधिवत जब्त किए हैं। जब्त सामानों में मृतक को घायल करने में प्रयुक्त खून से सना डंडा, आरोपियों के मोबाइल फोन (जिसमें घटना के दिन का मृतक का वीडियो और फोटो मौजूद है) तथा घटना के वक्त अभियुक्तों द्वारा पहने गए चप्पल शामिल हैं। मोबाइल से मिले ये डिजिटल साक्ष्य अदालत में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे। रनिया थाना पुलिस ने कांड में संलिप्त सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।दिया है।

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हजारीबाग पुलिस का नशा माफियाओं के खिलाफ महा-अभियान: इचाक और विष्णुगढ़ में माइकिंग के जरिए सड़कों पर उतरी खाकी

 

हजारीबाग पुलिस का नशा माफियाओं के खिलाफ महा-अभियान: इचाक और विष्णुगढ़ में माइकिंग के जरिए सड़कों पर उतरी खाकी

"पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 26 जून तक हर थाना क्षेत्र में चलेगा नशा उन्मूलन अभियान; स्वस्थ और सुरक्षित समाज के लिए आम जनता से मांगी गई भागीदारी"— विशेष पुलिस रिपोर्ट

प्रशासनिक एवं सुरक्षा ब्यूरो, हजारीबाग:

हजारीबाग जिले को पूरी तरह से नशामुक्त करने और अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार की जड़ों को उखाड़ फेंकने के लिए हजारीबाग पुलिस ने जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस अधीक्षक के कड़े आदेशानुसार जिले भर में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक व्यापक और सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के प्रारंभिक चरण में 15 और 16 जून 2026 को विशेष रूप से इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस टीमों ने सघन अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक सीधे आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया।

Hazaribagh Police Anti Drug Campaign

सड़कों और चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों ने खुद संभाली कमान, माइकिंग से किया जागरूक

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान को केवल कागजी न बनाकर धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई गई है। इचाक और विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले बाजारों में पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के द्वारा खुद माइकिंग के माध्यम से नशा उन्मूलन के विरुद्ध व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया गया। पुलिस ने लोगों को बताया कि कैसे अवैध मादक पदार्थ युवा पीढ़ी के भविष्य को खोखला कर रहे हैं और इसके सेवन से किस प्रकार सामाजिक व पारिवारिक ताना-बाना नष्ट हो रहा है।

26 जून तक लगातार सभी थाना क्षेत्रों में कड़ा अभियान चलाएगी हजारीबाग पुलिस

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी एक या दो दिन की सांकेतिक गतिविधि नहीं है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, अवैध मादक पदार्थों और नशे के खिलाफ यह विशेष जनजागरूकता अभियान 15 जून से शुरू होकर आगामी 26 जून 2026 तक लगातार जारी रहेगा। इस निर्धारित अवधि के भीतर जिले के सभी शहरी व ग्रामीण थाना क्षेत्रों में कमानबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही police की खुफिया टीमें मादक पदार्थों की गुप्त सप्लाई चेन और तस्करों की कड़ियों को भी खंगाल रही हैं, ताकि जागरूकता के साथ-साथ अपराधियों पर कानूनी शिकंजा भी कसा जा सके।

स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण के लिए पुलिस अधीक्षक ने की भावुक अपील

अभियान की सफलता को लेकर हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से बेहद संवेदनशील और भावुक अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने जिले के तमाम अभिभावकों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध नागरिकों से आह्वान किया है कि वे हर प्रकार के नशे से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें। पुलिस ने साफ तौर पर कहा कि एक स्वस्थ, सुरक्षित, अपराधमुक्त और जागरूक समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के हर तबके को अपनी सक्रिय और जिम्मेदाराना भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

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हजारीबाग एसीबी की बड़ी कार्रवाई: रामगढ़ प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी और गृह रक्षक सुजीत पासवान 5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

 

हजारीबाग एसीबी की बड़ी कार्रवाई: रामगढ़ प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी और गृह रक्षक सुजीत पासवान 5 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

"सरकारी अनुदान राशि का सत्यापन प्रतिवेदन भेजने के नाम पर आवेदक त्रिदेव कुमार से मांगी थी घूस; एंटी करप्शन ब्यूरो ने जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथ दबोचा"— विशेष क्राइम रिपोर्ट

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो विशेष डेस्क, हजारीबाग:

झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसीबी की टीम ने मंगलवार, 16 जून 2026 को त्वरित कार्रवाई करते हुए रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में पदस्थापित प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी और वहां कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर सह गृह रक्षक सुजीत पासवान को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे रामगढ़ और हजारीबाग प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

Hazaribagh ACB Raid Ramgarh

5 लाख रुपये की सरकारी अनुदान राशि के एवज में मांगी गई थी घूस

एसीबी प्रमंडलीय कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना अंतर्गत ग्राम व पोस्ट बड़की पोना निवासी आवेदक त्रिदेव कुमार (उम्र 27 वर्ष, पिता- दिवंगत बाबू चन्द राम) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में बताया गया था कि परिवादी के परिवार को सरकार की ओर से 5,000,000 (पाँच लाख) रुपये की अनुदान राशि मिलनी निर्धारित है। इस अनुदान राशि में नियमानुसार वृद्धि और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जब त्रिदेव कुमार ने रामगढ़ की जिला प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी से मुलाकात की, तो उन्होंने अपने कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत से मिलने को कहा।

Press Releases.

सत्यापन रिपोर्ट भेजने के नाम पर 10 हजार की मांग, पहली किस्त लेते धराए

जब पीड़ित त्रिदेव कुमार कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत से मिले, तो सुजीत ने साफ तौर पर कहा कि अनुदान राशि का सत्यापन प्रतिवेदन (वेरिफिकेशन रिपोर्ट) आगे भेजने के एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत देनी होगी। त्रिदेव कुमार रिश्वत की रकम नहीं देना चाहते थे, जिसके बाद उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। एसीबी की तकनीकी टीम द्वारा जब मामले का गोपनीय ढंग से विधिवत सत्यापन कराया गया, तो प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी द्वारा 10,000 रुपये रिश्वत मांगने और उनके निर्देश पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा राशि प्राप्त करने संबंधी आरोप पूरी तरह सत्य पाए गए। इसके बाद 15 जून 2026 को हजारीबाग थाना कांड संख्या 05/2026 के तहत मामला पंजीकृत किया गया।

एसीबी की गठित ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर कार्यालय परिसर से दबोचा

पंजीकृत कांड के आलोक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग द्वारा एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार को प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जैसे ही आवेदक त्रिदेव कुमार ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये कंप्यूटर ऑपरेटर सह गृह रक्षक सुजीत पासवान (मूल निवासी- ग्राम आछोडीह, थाना- मंझिआंव, जिला- गढ़वा) को सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इसके तत्काल बाद सुजीत पासवान को रिश्वत लेने का निर्देश देने वाली मुख्य आरोपी प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी (उम्र 31 वर्ष, पति- सुमित कुमार, निवासी- बंशीलाल चौक, थाना- बड़ा बाजार ओ०पी०, जिला- हजारीबाग) को भी विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ही अभियुक्तों को हिरासत में लेकर हजारीबाग लाया गया है, जहां उनके खिलाफ अग्रतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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