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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग: रामनवमी और ईद से पहले अवैध शराब माफिया पर बड़ा प्रहार, भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त

हजारीबाग: रामनवमी और ईद से पहले अवैध शराब माफिया पर बड़ा प्रहार, भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त

"हजारीबाग पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा जब्त की गई अवैध विदेशी शराब और तस्करी में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन।"

हजारीबाग, झारखंड: झारखंड के हजारीबाग जिले में आगामी त्योहारों—रामनवमी, ईद और सरहुल—को शांतिपूर्ण और नशामुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशों के बाद उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस ने अवैध शराब के सिंडिकेट के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इसी कड़ी में प्रशासन को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और स्प्रिट बरामद की गई है।

मध्यरात्रि में फिल्मी अंदाज में छापेमारी, बोलेरो से निकली शराब की खेप

​प्रशासनिक सतर्कता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही। मिली जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 1:30 बजे दारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जोनहिया (झुमरा) में गश्ती दल ने एक संदिग्ध महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन को रोका। जांच के दौरान अधिकारी तब दंग रह गए जब वाहन के अंदर शराब छुपाने के लिए बनाई गई विशेष गुप्त जगह (कैविटी) का पता चला।

​इस विशेष व्यवस्था के जरिए तस्करी की जा रही कुल 531.270 लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त की गई है। इसमें 41 कार्टन और 41 प्लास्टिक बैगों में पैक 180 एमएल की कुल 2952 बोतलें शामिल थीं। मौके से वाहन चालक मुकेश कुमार प्रजापति और उनके सहयोगी महेश पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

भगहर में अवैध मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

​सिर्फ परिवहन ही नहीं, बल्कि अवैध निर्माण पर भी प्रशासन ने चोट की है। चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर गांव में एक पहाड़ी के पास चल रहे अवैध शराब निर्माण केंद्र पर छापेमारी की गई। यहाँ से एक ट्रैक्टर, 500 लीटर अवैध स्प्रिट और 108 लीटर तैयार शराब बरामद हुई। इसके अलावा भारी संख्या में खाली बोतलें, फर्जी लेबल, ढक्कन और पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ बड़े पैमाने पर मिलावटी शराब बनाने का खेल चल रहा था। इस मामले में संलिप्त अभियुक्त मुकेश यादव और विकास यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी गई है।

त्योहारों पर सुरक्षा और सामाजिक अपील

​उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान हुड़दंग रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और अपने आस-पास हो रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Naresh Soni Editor in Chief Jharkhand India.

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश

हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा में बुलंद की जनता की आवाज: मंगला जुलूस और बिजली संकट पर सरकार को घेरा

हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा में बुलंद की जनता की आवाज: मंगला जुलूस और बिजली संकट पर सरकार को घेरा
झारखंड विधानसभा के बाहर मीडिया को संबोधित करते हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद।

हजारीबाग/राँची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया। विधायक ने विशेष रूप से हजारीबाग के ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' पर लगाए गए प्रतिबंधों और त्योहारों के दौरान बेलगाम बिजली कटौती के मुद्दे को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने इसे न केवल प्रशासनिक विफलता बताया, बल्कि आम नागरिकों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का हनन करार दिया।

मंगला जुलूस: 'क्या झारखंड में त्योहार मनाना अब अपराध है?

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में शून्यकाल के दौरान हजारीबाग के मंगला जुलूस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की कथित अनदेखी की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि हजारीबाग की परंपरा और संस्कृति में मंगला जुलूस का गहरा महत्व है। शांतिपूर्ण और पारंपरिक आयोजनों पर बार-बार प्रतिबंध लगाना यह दर्शाता है कि प्रशासन स्थिति को संभालने के बजाय जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा, "क्या अब झारखंड में त्योहार मनाना भी मुश्किल हो गया है? आखिर ऐसी स्थिति केवल हजारीबाग में ही क्यों पैदा की जा रही है?" उन्होंने मांग की कि सरकार तुष्टीकरण और डर की राजनीति छोड़, धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे।

अंधेरे में डूबा हजारीबाग: बिजली कटौती पर तीखे सवाल

धार्मिक मुद्दों के साथ-साथ विधायक ने हजारीबाग की चरमराई विद्युत व्यवस्था पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार राज्य के विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर त्योहारों के समय हजारीबाग में भारी बिजली कटौती की जाती है।

विधायक ने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें रखीं

निर्बाध आपूर्ति: पर्व-त्योहारों के दौरान 24 घंटे बिजली सुनिश्चित की जाए।

दीर्घकालिक समाधान: केवल अस्थायी सुधार के बजाय विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना बने।

जवाबदेही तय हो: बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली की कमी से न केवल आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का व्यवसाय भी चौपट हो रहा है, जो साल भर इन त्योहारों का इंतजार करते हैं।

सदन से सड़क तक संघर्ष का संकल्प

प्रदीप प्रसाद ने सदन के माध्यम से हजारीबाग की जनता को आश्वस्त किया कि वे उनके हक की लड़ाई कमजोर नहीं पड़ने देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और यदि सरकार ने इन समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं निकाला, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि विधायक द्वारा उठाए गए ये मुद्दे आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति को और गरमा सकते हैं, क्योंकि ये सीधे तौर पर जनता की आस्था और बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं।

Naresh Soni

Editor in Chief Jharkhand India 

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

हजारीबाग: रामनवमी, ईद और सरहुल पर प्रशासन का 'एक्शन प्लान', हुड़दंगियों पर रहेगी पैनी नज़र

हजारीबाग: रामनवमी, ईद और सरहुल पर प्रशासन का 'एक्शन प्लान', हुड़दंगियों पर रहेगी पैनी नज़र
हजारीबाग समाहरणालय में त्योहारों के मद्देनजर शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं अन्य अधिकारी।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी): झारखंड के हजारीबाग जिले में आगामी त्योहारों—रामनवमी, ईद-उल-फितर और सरहुल—को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में शांतिपूर्ण और भाईचारे का माहौल बनाए रखना है।

प्रशासन और प्रबुद्ध नागरिकों के बीच सीधा संवाद

बैठक में शहर के विभिन्न समुदायों के धर्मगुरु, मौलाना, मौलवी, और सद्भावना विकास मंच के सदस्य शामिल हुए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी कीमत पर शहर की शांति को भंग नहीं होने देगा। बैठक में मौजूद गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी ओर से बहुमूल्य सुझाव दिए, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से नोट किया है।

इन 5 प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा प्रशासन का जोर

बैठक के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर एक व्यापक खाका तैयार किया गया है

सोशल मीडिया और विवादित कंटेंट: उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट या विवादित गानों के प्रसारण पर रोक रहेगी। साइबर सेल 24x7 निगरानी रखेगी।

सुरक्षा और तकनीक: संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण: बिजली विभाग को झूलते तारों और खराब पोल को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों के गड्ढों की मरम्मत और जुलूस मार्गों पर पेड़ों की छंटाई का काम भी समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: मस्जिदों और मंदिरों के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपने पर्व मना सकें।

असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई: प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की जनता से भावुक अपील

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने हजारीबाग वासियों से अपील करते हुए कहा, "त्योहार खुशियों और आपसी मिलन का प्रतीक हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि हम हजारीबाग की गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखें।" उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उपायुक्त के साथ सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता  संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा, डीसीएलआर  राजकिशोर प्रसाद, डीपीआरओ  रोहित कुमार सहित सद्भावना विकास मंच के प्रमुख सदस्य इरफान अहमद काजू, अब्दुल ग़ालिब सईद, मो. इकबाल रज़ा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

"आप अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए क्या सुझाव देना चाहते हैं?"

Naresh Soni 

Editor in chief Jharkhand India 

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश


हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश

हजारीबाग रामनवमी 2026: सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DGP ने अधिकारियों को दिए 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देश
"हजारीबाग एसपी कार्यालय में रामनवमी की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करतीं डीजीपी व अन्य वरीय अधिकारी। जिले में सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर।"

हजारीबाग। झारखंड का ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी पर्व इस वर्ष सुरक्षा के कड़े पहरे में संपन्न होगा। पर्व की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्वयं कमान संभाल ली है। बुधवार को हजारीबाग एसपी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया कि शांति व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगा।

हाई-प्रोफाइल बैठक: सुरक्षा तैयारियों का ब्लूप्रिंट तैयार

इस समीक्षा बैठक में हजारीबाग के डीआईजी, उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की मौजूदगी रही। बैठक का मुख्य एजेंडा रामनवमी के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को नियंत्रित करना और सांप्रदायिक सौहार्द को हर हाल में कायम रखना था।

डीजीपी ने बिंदुवार तरीके से जिले की भौगोलिक और सांख्यिकीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल मिले।

इन 5 बिंदुओं पर रहेगा प्रशासन का विशेष जोर

जुलूस मार्गों की डिजिटल मैपिंग और ड्रोन निगरानी

शहर के सभी पारंपरिक जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। संकरे रास्तों और ऊंची इमारतों पर विशेष बल तैनात रहेंगे।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर नकेल

डीजीपी ने आईटी सेल को 24x7 एक्टिव रहने का निर्देश दिया है। भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों या अफवाह फैलाने वालों को सीधे चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।

भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक डायवर्जन

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात के रूट में बदलाव किए गए हैं। चिकित्सा और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए 'ग्रीन कॉरिडोर' की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च

प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशील इलाकों में नियमित फ्लैग मार्च करें ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।

नागरिक सुविधाएं

पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि नगर निगम और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर चुका है।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी: लापरवाही की कोई जगह नहीं

डीजीपी ने बैठक के दौरान कड़े लहजे में कहा कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्तर के अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थानों के प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें करें और स्थानीय गणमान्य लोगों का सहयोग लें।

निष्कर्ष: शांतिपूर्ण आयोजन की ओर बढ़ते कदम

हजारीबाग प्रशासन का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि इस बार की रामनवमी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन की मिसाल भी बनेगी। जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और आम जनता से भी अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

वैश्विक तेल संकट: विकसित देशों ने खोले 'रणनीतिक तेल भंडार' के दरवाजे, क्या कम होंगी कीमतें?

वैश्विक तेल संकट: विकसित देशों ने खोले 'रणनीतिक तेल भंडार' के दरवाजे, क्या कम होंगी कीमतें?
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वाशिंगटन: दुनिया भर में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की कमी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया गया है। विकसित देशों ने बाजार में स्थिरता लाने के लिए अपने आपातकालीन रणनीतिक तेल भंडार (SPR) को खोलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत करीब 32 देशों ने मिलकर बाजार में 400 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई करने पर सहमति जताई है, ताकि आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके।

क्या होता है रणनीतिक तेल भंडार (SPR)?

यह कच्चे तेल का एक विशाल भंडार होता है, जिसे सरकारें किसी युद्ध, प्राकृतिक आपदा या वैश्विक आपूर्ति बाधित होने जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए सुरक्षित रखती हैं। अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है, जिसे अमेरिकी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) कहा जाता है। इसकी स्थापना 1975 में तत्कालीन राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड द्वारा की गई थी। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के नियमों के अनुसार, सदस्य देशों को कम से कम 90 दिनों के शुद्ध आयात के बराबर तेल रिजर्व रखना अनिवार्य है।

जापान की ऐतिहासिक पहल और वैश्विक भागीदारी

इस बार जापान ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी तेल रिलीज प्रक्रिया शुरू की है। जापान सरकार ने शुरुआती चरण में 15 दिनों की खपत के बराबर निजी क्षेत्र का तेल भंडार जारी करने का आदेश दिया है। जापान के पास कुल 230 दिनों का भंडार है, जो दुनिया में सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा, अमेरिका पहले ही 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। जर्मनी और फ्रांस ने भी इस सामूहिक प्रयास में अपना सहयोग देने की पुष्टि की है।

भारत की स्थिति: घरेलू सुरक्षा पहली प्राथमिकता

अगर भारत की बात करें, तो मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का शुद्ध रणनीतिक भंडार लगभग 10 दिनों का है (लगभग 39-40 मिलियन बैरल)। हालांकि, यदि तेल कंपनियों और पाइपलाइनों में मौजूद स्टॉक को जोड़ दिया जाए, तो यह क्षमता 74 दिनों तक पहुंच जाती है। वर्तमान वैश्विक संकट के बावजूद, भारत ने अपने रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने से मना कर दिया है ताकि देश की आंतरिक ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू जरूरतों को प्रभावित न होने दिया जाए।

तेल रिलीज से आम आदमी को क्या फायदा?

जब बाजार में तेल की कमी होती है, तो मांग बढ़ने से कीमतें बढ़ जाती हैं। अतिरिक्त तेल की आपूर्ति से कीमतों में स्थिरता आती है। इसका सीधा लाभ परिवहन, बिजली उत्पादन और औद्योगिक इकाइयों को मिलता है, जिससे महंगाई दर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इतिहास गवाह है कि 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के कैटरीना तूफान और 2022 के यूक्रेन-रूस जंग के दौरान भी इसी तरह भंडार खोलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभाला गया था।

हजारीबाग की 'इंटरनेशनल रामनवमी' को भव्य बनाने की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने DC के साथ तय की रणनीति

हजारीबाग की 'इंटरनेशनल रामनवमी' को भव्य बनाने की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने DC के साथ तय की रणनीति

Naresh Soni Editor in Chief 
हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद जिला समाहरणालय में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को रामनवमी की तैयारियों से संबंधित सुझाव पत्र सौंपते हुए और व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए।

हजारीबाग: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव, यानी रामनवमी महापर्व को लेकर हजारीबाग में उत्साह का माहौल अभी से दिखने लगा है। हजारीबाग की रामनवमी न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इसी गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिले के उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह से उनके कार्यालय में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार बैठक की।

करीब एक घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में विधायक और प्रशासन के बीच रामनवमी की व्यवस्थाओं को लेकर 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया गया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और डीजे (ध्वनि यंत्र) से जुड़ी जनभावनाएं रहीं।

आस्था और प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर

बैठक के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा कि रामनवमी हजारीबाग की आत्मा है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया कि इस बार प्रशासन का रुख सहयोगी और मार्गदर्शक के रूप में होना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह पर्व हमारी आस्था और गौरव का प्रतीक है। प्रशासन के सहयोग से हम इसे न केवल भव्य बनाएंगे, बल्कि पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण भी रखेंगे।"

इन प्रमुख मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

विधायक ने बैठक में एक-एक कर उन सभी समस्याओं को रखा जो आमतौर पर शोभायात्रा के दौरान सामने आती हैं:

स्वच्छता और रोशनी: नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाने और शोभायात्रा मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

सुरक्षा और CCTV: संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौक-चौराहों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने और कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी करने पर सहमति बनी।

पेयजल और बैरिकेडिंग: तपती धूप को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की मांग की गई।

विद्युत आपूर्ति: जुलूस के दौरान तारों की ऊंचाई और बिजली कटौती के समय बैकअप प्लान पर भी तकनीकी चर्चा हुई।

डीजे (DJ) को लेकर विधायक का 'सकारात्मक' रुख

हजारीबाग रामनवमी में डीजे हमेशा से एक चर्चा का विषय रहा है। विधायक प्रदीप प्रसाद ने रामभक्तों की भावनाओं को उपायुक्त के समक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि ध्वनि यंत्रों के उपयोग पर एक संतुलित और सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। विधायक का तर्क था कि परंपराओं और प्रशासनिक नियमों के बीच ऐसा तालमेल बैठे जिससे भक्तों का उत्साह भी कम न हो और नियम-कायदों का उल्लंघन भी न हो।

इंटरनेशनल रामनवमी: हजारीबाग का वैश्विक गौरव

बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से रूबरू होते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी अब 'इंटरनेशनल रामनवमी' बन चुकी है। इसे देखने के लिए सात समंदर पार से भी लोग आते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उपायुक्त के साथ हुई बातचीत बेहद सार्थक रही है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भक्तों की अपेक्षाओं के अनुरूप ही सारी तैयारी की जाएगी।

हजारीबाग: रामनवमी, ईद और सरहुल पर्व पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; प्रशासन ने निकाला फ्लैग मार्च

हजारीबाग: रामनवमी, ईद और सरहुल पर्व पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; प्रशासन ने निकाला फ्लैग मार्च

Naresh Soni Editor in Chief 
"हजारीबाग के झंडा चौक पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते प्रशासनिक अधिकारी एवं फ्लैग मार्च में शामिल पुलिस बल।"

हजारीबाग (झारखंड): झारखंड के ऐतिहासिक शहर हजारीबाग में आगामी त्योहारों—रामनवमी, ईद-उल-फितर और सरहुल—को लेकर प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति संख्या 154/17.03.2026 के अनुसार, जिले में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के साथ-साथ व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया गया है।

प्रशासनिक तैयारियों का ब्लूप्रिंट

त्योहारों के दौरान आम जनमानस को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने कई चरणों में शांति समिति और विभिन्न अखाड़ा समितियों के साथ बैठकें की हैं। नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों सहित कटकमदाग, मुफ्फसिल और पेलावल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पुलिस बल और दंडाधिकारियों को तैनात किया गया है।

इन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जमीन पर उतरकर अखाड़ा अध्यक्षों, सचिवों और सद्भावना विकास मंच के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। प्रशासन का मुख्य फोकस जुलूस मार्गों की सुगमता, बिजली के झूलते तारों की मरम्मत और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जुलूस मार्गों का निरीक्षण और फ्लैग मार्च

मंगला जुलूस और रामनवमी को देखते हुए प्रशासन ने अपनी शक्ति और सतर्कता का प्रदर्शन किया। सीसीआर (CCR) से शुरू हुई पेट्रोलिंग ने शहर के प्रमुख रास्तों जैसे पुलिस लाइन, पगमिल, सलगांवा, सुल्ताना, खिरगांव, झंडा चौक और बड़ा बाजार का गहन निरीक्षण किया।

सबसे महत्वपूर्ण रहा झंडा चौक से मालवीय मार्ग तक निकाला गया फ्लैग मार्च। इस मार्च के जरिए प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया। पेट्रोलिंग के दौरान अधिकारियों ने रास्तों की संवेदनशीलता और सुरक्षा घेरे का आकलन किया ताकि जुलूस के समय कोई व्यवधान न आए।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर नजर

डिजिटल युग में शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट डालने वालों के खिलाफ साइबर सेल सक्रिय है। शांति समिति की बैठकों के माध्यम से मोहल्ला स्तर पर 'वॉलिंटियर्स' को सक्रिय किया गया है जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे।

मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी

सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाल रखी है। फ्लैग मार्च और निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता  संतोष सिंह, सहायक समाहर्ता  आनंद शर्मा समेत जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी और डीपीआरओ रोहित कुमार जैसे प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष: नागरिक सहयोग की अपील

हजारीबाग प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाएं। प्रशासन की यह मुस्तैदी दर्शाती है कि हजारीबाग इस बार भाईचारे और शांति की एक मिसाल पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

झारखंड सरकार की बड़ी पहल: जमशेदपुर में खुलेगा राज्य का पहला अत्याधुनिक IDTR, टाटा मोटर्स

झारखंड सरकार की बड़ी पहल: जमशेदपुर में खुलेगा राज्य का पहला अत्याधुनिक IDTR, टाटा मोटर्स संभालेगी कमान

विशेष संवाददाता, न्यूज प्रहरी

IDTR Jamshedpur Jharkhand Transport Department")

रांची/जमशेदपुर: झारखंड में सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा देने और कुशल चालकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में जमशेदपुर के मौजा मनपिठा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह संस्थान न केवल झारखंड बल्कि पूर्वी भारत के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।

11.88 एकड़ में फैलेगा आधुनिक प्रशिक्षण का केंद्र

जमशेदपुर के मौजा मनपिठा (थाना नं. 1202) में प्रस्तावित इस संस्थान के लिए सरकार ने 11.88 एकड़ भूमि आवंटित की है। इस परियोजना की कुल लागत 22.03 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (PPP) मॉडल है। इसमें भारत सरकार, झारखंड सरकार और देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स एक साथ मिलकर काम करेंगे।

वित्तीय संरचना पर एक नजर

केंद्र सरकार (सड़क परिवहन मंत्रालय): 17 करोड़ रुपये (कुल लागत का 77%)

राज्य सरकार: 3.21 करोड़ रुपये

टाटा मोटर्स (CSR फंड): 1.82 करोड़ रुपये

टाटा मोटर्स की विशेषज्ञता से निखरेगा कौशल

IDTR के संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी टाटा मोटर्स को सौंपी गई है। कंपनी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत आधुनिक वाहनों, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और विश्वस्तरीय सिम्युलेटर उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। यहाँ केवल स्टेयरिंग थामना ही नहीं सिखाया जाएगा, बल्कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की बुनियादी समझ और सड़क मनोविज्ञान का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आम नागरिक और युवाओं को क्या होगा लाभ?

अक्सर देखा जाता है कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी होती है। IDTR की स्थापना से इस व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आएगा:

वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण: यहाँ पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरणों (जैसे ड्राइविंग सिम्युलेटर) से ट्रेनिंग दी जाएगी।

पारदर्शी लाइसेंस प्रक्रिया: संस्थान में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही लाइसेंस के लिए पात्र माना जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

रोजगार के अवसर: स्थानीय युवाओं को न केवल यहाँ प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि संस्थान के संचालन में भी विभिन्न पदों पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

भारी वाहन चालकों के लिए विशेष कोर्स: बस और ट्रक जैसे वाणिज्यिक वाहनों के चालकों को विशेष रक्षात्मक ड्राइविंग (Defensive Driving) का पाठ पढ़ाया जाएगा।

सड़क सुरक्षा: 'दंड' नहीं 'दक्षता' पर जोर

झारखंड सरकार का यह कदम 'सड़क सुरक्षा सुदृढ़ीकरण' की दिशा में एक बड़ा निवेश है। संस्थान का मूल मंत्र 'दंड के स्थान पर दक्षता' विकसित करना है। जब सड़क पर अनुशासित और प्रशिक्षित चालक उतरेंगे, तो सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में निश्चित रूप से गिरावट आएगी। यह पहल राज्य की प्रगति और मानवीय सुरक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी।

हजारीबाग: युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का कैंसर से निधन, विधि जगत में शोक की लहर; कल न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे वकील

हजारीबाग युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का कैंसर से निधन, विधि जगत में शोक की लहर; कल न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे वकील

Naresh Soni Editor in Chief 

हजारीबाग के युवा अधिवक्ता सत्यम कुमार का 34 वर्ष की आयु में निधन। कैंसर से जूझ रहे सत्यम के सम्मान में 18 मार्च को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार।

हजारीबाग: जिला विधिक जगत के लिए मंगलवार का दिन एक अत्यंत दुखद सूचना लेकर आया। बार एसोसिएशन हजारीबाग के ऊर्जावान और मृदुभाषी सदस्य, अधिवक्ता सत्यम कुमार (34 वर्ष) का आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले दो वर्षों से फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) जैसी गंभीर बीमारी से बहादुरी के साथ संघर्ष कर रहे थे। उनका उपचार रांची स्थित पारस अस्पताल में चल रहा था, जहाँ मंगलवार सुबह 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

संघर्षपूर्ण रहा जीवन और पेशेवर सफर

सत्यम कुमार ने साल 2017 में अधिवक्ता संघ, हजारीबाग के साथ जुड़कर अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी। शहर के जादोबाबू चौक के समीप निवास करने वाले सत्यम ने बहुत कम समय में अपनी कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव के कारण वरिष्ठ और कनिष्ठ, दोनों ही वर्गों के अधिवक्ताओं के बीच अपनी एक खास पहचान बना ली थी। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे न केवल कानून के अच्छे जानकार थे, बल्कि एक नेक इंसान भी थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सत्यम कुमार का असमय जाना उनके परिवार के लिए वज्रपात के समान है। महज तीन वर्ष पूर्व ही उनका विवाह हुआ था। वे अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और एक महज डेढ़ वर्षीय मासूम पुत्र को छोड़ गए हैं। शाम करीब 6 बजे जब उनका पार्थिव शरीर रांची से हजारीबाग स्थित उनके आवास पर लाया गया, तो वहां का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। सैकड़ों अधिवक्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

बार एसोसिएशन ने जताया गहरा शोक

उनके निधन की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन में शोक की लहर दौड़ गई। एसोसिएशन के सदस्यों ने इसे विधि जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। बार एसोसिएशन के प्रभारी संयुक्त सचिव कुणाल कुमार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, "सत्यम एक होनहार अधिवक्ता थे। उनका जाना हम सभी के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है।"

18 मार्च को शोक सभा और कार्य बहिष्कार

प्रभारी संयुक्त सचिव ने जानकारी दी कि सत्यम कुमार के सम्मान में बुधवार, 18 मार्च को बार एसोसिएशन में एक औपचारिक शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस शोक सभा के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि सभी अधिवक्ता स्वयं को न्यायिक कार्यों से अलग रखेंगे। कल हजारीबाग कोर्ट में कोई भी विधायी कार्य नहीं किया जाएगा।

कैंसर के प्रति जागरूकता की आवश्यकता

सत्यम कुमार का निधन स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता और कैंसर जैसे गंभीर रोगों के समय पर निदान की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर आज के समय में युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है, जिसके पीछे पर्यावरणीय कारक और जीवनशैली प्रमुख कारण हो सकते हैं।

गुमला: किसानों की समृद्धि के लिए 24 FPO और कोऑपरेटिव का होगा कायाकल्प, सशक्तिकरण कार्यशाला में बनी बड़ी रणनीति

गुमला: किसानों की समृद्धि के लिए 24 FPO और कोऑपरेटिव का होगा कायाकल्प, सशक्तिकरण कार्यशाला में बनी बड़ी रणनीति
"गुमला में आयोजित कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले FPO को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो व अन्य अधिकारी।"

गुमला: झारखंड के गुमला जिले में कृषि और किसानों के आर्थिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन, जेएसएलपीएस (JSLPS), नाबार्ड (NABARD) और प्रदान (PRADAN) के संयुक्त तत्वावधान में 24 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) एवं कोऑपरेटिव के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत इन संगठनों को न केवल सशक्त बनाना है, बल्कि उन्हें एक सफल व्यावसायिक मॉडल के रूप में स्थापित करना भी है।

सशक्तिकरण और विस्तार पर केंद्रित चर्चा

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि FPO केवल नाम के संगठन न रहें, बल्कि वे किसानों के लिए लाभ का जरिया बनें। इसके लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:

शेयरधारकों की वृद्धि: संगठनों में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने की रणनीति साझा की गई ताकि सामूहिक शक्ति का लाभ मिल सके।

व्यावसायिक योजना (Business Plan): कार्यशाला में प्रभावी व्यावसायिक योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रबंधन के गुर सिखाए गए।

वित्तीय सुदृढ़ीकरण: FPO के संचालन, ऋण प्राप्ति की प्रक्रियाओं और इक्विटी ग्रांट (Equity Grant) के तकनीकी पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन

कार्यक्रम में उपस्थित उप विकास आयुक्त (DDC) दिलेश्वर महतो ने संगठनों की संस्थागत मजबूती पर विशेष बल दिया। नाबार्ड के डीडीएम (DDM) रवि शंकर ने बैंकिंग सहयोग और वित्तीय सहायता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि कैसे सहकारी अधिनियम और सरकारी योजनाओं से जुड़कर ये संगठन स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकते हैं।

प्रतिभागियों ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा किया। चर्चा का मुख्य केंद्र बाजार से सीधा जुड़ाव (Market Linkage) और आपसी सहयोग रहा, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले FPO हुए सम्मानित

कार्यशाला के अंत में उत्साहवर्धन के लिए जिले के 9 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को उनके सराहनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान अन्य संगठनों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी:

कार्यशाला में DCO माधुरी, पशुपालन विभाग के डॉ. मयूर, JTDS के DPM प्रमुदित दुंगदुंग, JSLPS के DPM शैलेन्द्र जारिका तथा PRADAN के मेराज सहित कई अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नरेश सोनी (Naresh Soni)

Editor-in-Chief, News Prahari

दारू थाना क्षेत्र: देर रात हुई भीषण सड़क दुर्घटना में स्कूटी चालक गंभीर रूप से घायल, मचा हड़कंप

दारू थाना क्षेत्र: देर रात हुई भीषण सड़क दुर्घटना में स्कूटी चालक गंभीर रूप से घायल, मचा हड़कंप

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
दिलीप सड़क पर लहूलुहान अवस्था में गिर पड़ा

दारू, हजारीबाग (झारखंड): हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र के तिलैया स्थित शिव मंदिर के समीप सोमवार की देर रात करीब 12:00 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस हादसे में एक स्कूटी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की तत्परता और दारू पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से घायल व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल, हजारीबाग रेफर कर दिया गया। घायल युवक की पहचान फिलहाल दिलीप के रूप में हुई है, जो भटवीघा निवासी एक दैनिक अखबार के हॉकर का बेटा बताया जा रहा है।

हादसे का विवरण और घटनास्थल का माहौल:

जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई जब दिलीप तिलैया में आयोजित एक पार्टी से अपने घर लौट रहा था। शिव मंदिर के पास उसका स्कूटी (नंबर JH11AB 8005) अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दिलीप सड़क पर लहूलुहान अवस्था में गिर पड़ा। देर रात का समय होने के बावजूद, दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

घायल अवस्था में दिलीप को देखकर सभी स्तब्ध रह गए। चारों ओर खून बिखरा था, जो घटना की भयावहता को बयां कर रहा था। स्थानीय लोगों ने बिना किसी देरी के घायल को मदद पहुंचाने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस को सूचित किया। दारू पुलिस भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला। पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त मदद से घायल दिलीप को सावधानीपूर्वक उठाया गया और एम्बुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

स्कूटी नंबर से पहचान और परिवार को सूचना:

घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी का नंबर JH11AB 8005 है। इस नंबर के आधार पर और स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर घायल युवक की पहचान दिलीप के रूप में की गई है। पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिलीप के पिता एक दैनिक अखबार के हॉकर हैं और भटवीघा में रहते हैं। इस खबर के माध्यम से भी उन लोगों से अपील की जा रही है जो दिलीप या उसके परिवार को जानते हैं, वे जल्द से जल्द उसके परिजनों को इस दुर्घटना के बारे में जानकारी दें ताकि वे समय पर अस्पताल पहुंच सकें और दिलीप की देखभाल कर सकें।

चतरा: ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर कम उपस्थिति पर DC सख्त, लापरवाह हेडमास्टरों पर गिरेगी गाज

चतरा: ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर कम उपस्थिति पर DC सख्त, लापरवाह हेडमास्टरों पर गिरेगी गाज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता
विकास भवन स्थित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) प्रशिक्षण हॉल में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त (DC) कीर्तिश्र ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज कम उपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई।

चतरा। झारखंड के चतरा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्कूलों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन स्थित जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) प्रशिक्षण हॉल में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त (DC) कीर्तिश्र ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज कम उपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

80% से कम उपस्थिति वाले स्कूलों पर होगी विभागीय कार्रवाई

समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विद्यालयों में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति का डेटा संतोषजनक नहीं है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से कम दर्ज की जा रही है, वहां के प्रधानाध्यापकों (Headmasters) के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्रों में समीक्षा बैठक कर सुधार सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है।

'मिनी रेल परीक्षा' और खराब प्रदर्शन पर विशेष नजर

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उपायुक्त ने हर माह “मिनी रेल परीक्षा” आयोजित करने का निर्देश दिया है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे बुनियादी विषयों में छात्रों के अंक 40 प्रतिशत से कम आएंगे, वहां के प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय होगी। ऐसे स्कूलों की समीक्षा स्वयं अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और उप विकास आयुक्त (DDC) करेंगे। कमजोर विद्यार्थियों के लिए 'रिमेडियल क्लास' (विशेष कक्षाएं) चलाने का भी सख्त निर्देश दिया गया है।

डाटा मिलान: पीएम पोषण और ई-विद्यावाहिनी की होगी जांच

प्रशासन अब आंकड़ों की बाजीगरी को पकड़ने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है। पीएम पोषण योजना (Mid-Day Meal) के तहत दर्ज उपस्थिति और ई-विद्यावाहिनी पोर्टल की उपस्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। यदि दोनों आंकड़ों में विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित विद्यालय को चिन्हित कर उनके विरुद्ध जांच और कार्रवाई की जाएगी।

कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नामांकन और वित्तीय अनुशासन

आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया को गति देने के लिए 23 मार्च को जिला स्तरीय नामांकन समिति की बैठक बुलाई गई है। इसके साथ ही, उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मार्च माह के अंत तक उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।

इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) दिनेश कुमार मिश्र, उप विकास आयुक्त, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राकेश पाण्डेय सहित जिले के तमाम शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन के माध्यम से सशक्तिकरण: आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय की अद्वितीय पहल से आदिवासी समुदायों को नई उड़ान

पर्यटन के माध्यम से सशक्तिकरण: आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय की अद्वितीय पहल से आदिवासी समुदायों को नई उड़ान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

जनजातीय होमस्टे संचालक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए, जो उन्हें विश्व स्तरीय पर्यटन सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा। स्रोत: पीआईबी

नई दिल्ली दिनांक: 17 मार्च, 2026

पर्यटन क्षेत्र में एक नई सुबह की किरण:

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) और जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के बीच एक ऐतिहासिक सहयोग की शुरुआत हुई है, जिसका उद्देश्य देश के जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना और स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह पहल केवल एक शुरुआत मात्र नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य जनजातीय क्षेत्रों में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षक (Trainers of Trainers) तैयार करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटन प्रशिक्षण का मॉडल तेजी से विस्तारित हो सके और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके, जिससे उन्हें अपनी संस्कृति और आजीविका को मजबूत करने का अवसर मिले।

अलगाव को खत्म कर, सहयोग को बढ़ावा:

इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह अलगाव की भावना को दूर करने और सार्थक सहयोग के माध्यम से मिलकर कार्य करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। जब जनजातीय कार्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और अतुलनीय भारत मंच (Incredible India platform) जैसे सशक्त संस्थान एक साथ आते हैं, तो हम एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार करते हैं, जो न केवल सतत पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि पूरे देश के समुदायों के लिए आजीविका के नए और विविध अवसर भी सृजित करता है। यह सहयोग सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक आर्थिक विकास के बीच एक संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता का मार्ग:

आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय के बीच यह समन्वय सरकार के समावेशी विकास (Inclusive Growth) और पर्यटन के माध्यम से आजीविका सृजन (Livelihood Generation through Tourism) के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनजातीय होमस्टे संचालकों को आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे अपने मेहमानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रामाणिक अनुभव प्रदान कर सकें। यह समुदाय-आधारित पर्यटन को मजबूत करने में मदद करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह जनजातीय परंपराओं, कला और संस्कृति को संरक्षित करते हुए सार्थक आर्थिक अवसरों का सृजन करके सतत विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस प्रकार, यह पहल न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगी, बल्कि आदिवासी समुदायों की पहचान और आत्म-सम्मान को भी बढ़ाएगी।

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) – एक परिचय:

भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) की स्थापना वर्ष 1966 में देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास और विस्तार के उद्देश्य से की गई थी। अपने स्थापना काल से ही, निगम अपने अतिथियों को विश्व स्तरीय सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। होटलों के संचालन के अपने मुख्य कार्य के अलावा, आईटीडीसी ने पर्यटन उद्योग के कई अन्य महत्वपूर्ण गैर-होटल क्षेत्रों में भी अपनी विशेषज्ञता का विस्तार किया है। इसमें टिकट बुकिंग, टूर और ट्रैवल पैकेज, बड़े पैमाने पर इवेंट मैनेजमेंट, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग सुविधाएँ, प्रचार और मुद्रण परामर्श सेवाएं, इंजीनियरिंग परामर्श, भव्य साउंड एंड लाइट शो का आयोजन, साथ ही आतिथ्य शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम शामिल हैं। आईटीडीसी इन सभी सेवाओं को एक ही छत के नीचे प्रदान करके भारतीय पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर उच्च स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है।

असम विधानसभा चुनाव 2026: हेमंत सोरेन के नेतृत्व में JMM ने झोंकी ताकत, 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी

असम विधानसभा चुनाव 2026: हेमंत सोरेन के नेतृत्व में JMM ने झोंकी ताकत, 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
JMM महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय द्वारा चुनाव आयोग को भेजा गया पत्र, जिसमें असम चुनाव 2026 के लिए स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की गई है।

गुवाहाटी/रांची: असम विधानसभा चुनाव 2026 की रणभेरी बजते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पूर्वोत्तर के इस महत्वपूर्ण राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए बड़ा दांव खेला है। पार्टी के केंद्रीय समिति ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अपने 20 स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची सौंप दी है।

हेमंत सोरेन करेंगे चुनाव अभियान का नेतृत्व

पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, असम में चुनाव प्रचार की कमान खुद पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन संभालेंगे। उनके साथ पार्टी के दिग्गज नेताओं की एक लंबी फेहरिस्त है, जो असम के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं को साधने का प्रयास करेगी।

JMM के 20 स्टार प्रचारकों की पूरी सूची

पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों के चयन में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है। सूची में शामिल प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:

 हेमंत सोरेन (पार्टी अध्यक्ष), डॉ. सरफराज अहमद, विनोद कुमार पाण्डेय, जोबा माझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, चमरा लिण्डा, योगेन्द्र प्रसाद, विजय हांसदा, कल्पना मुर्मू सोरेन,डॉ. महुआ माजी, हफीजुल हसन, सुखराम उरांव, भूषण तिर्की, जिगा सुशरण होरो, विकास मुण्डा, एम.टी. राजा, आलोक सोरेन, डॉ. लुईस मरांडी

चुनाव आयोग से विशेष अनुमति की मांग

JMM ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77(i) के तहत इन नेताओं को स्टार प्रचारक के रूप में अनुमति देने का अनुरोध किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ये नेता असम के दुर्गम और विभिन्न क्षेत्रों में वायु मार्ग, सड़क मार्ग और रेल मार्ग के जरिए सघन दौरा करेंगे। पार्टी ने चुनाव आयोग से इन प्रचारकों के वाहनों के लिए विशेष पास निर्गत करने का भी आग्रह किया है ताकि सीमा के भीतर आवाजाही में कोई तकनीकी बाधा न आए।

असम में JMM की रणनीति: क्यों है यह चुनाव खास?

झारखंड से सटे राज्यों के बाद अब JMM पूर्वोत्तर भारत में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहती है। असम में एक बड़ी आबादी 'चाय बागान' श्रमिकों और झारखंडी मूल के लोगों की है। JMM की नजर इन्हीं वोट बैंक पर है। कल्पना मुर्मू सोरेन और डॉ. महुआ माजी जैसे चेहरों को शामिल कर पार्टी ने महिला मतदाताओं और बौद्धिक वर्ग को भी साधने का संकेत दिया है।

निष्कर्ष

असम की चुनावी बिसात पर JMM की यह सक्रियता विपक्षी दलों के समीकरण बिगाड़ सकती है। अब देखना यह होगा कि हेमंत सोरेन का जादू असम के मतदाताओं पर कितना चलता है।

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
हजारीबाग के पैराडाइज रिजॉर्ट में शांति समिति की बैठक को संबोधित करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी): झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और अपनी ऐतिहासिक रामनवमी के लिए विश्व विख्यात हजारीबाग जिला एक बार फिर आगामी त्योहारों के स्वागत के लिए तैयार है। चैत्र मास के प्रमुख त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और मर्यादित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय पैराडाइज रिजॉर्ट में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

इस उच्चस्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने की। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पूजा समितियों के बीच सीधा संवाद हुआ, ताकि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता: अनुशासन और परंपरा का संगम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपने अनुशासन और वैभव के लिए देश भर में पहचानी जाती है। उन्होंने कहा, "इस विरासत को बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।" प्रशासन ने इस वर्ष नशामुक्त वातावरण में त्योहार मनाने पर विशेष जोर दिया है।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: बैठक में यह कड़ा निर्देश दिया गया कि जुलूस के दौरान डीजे का प्रयोग वर्जित रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि डीजे से होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, हृदय रोगियों और संवेदनशील वर्गों को भारी परेशानी होती है, इसलिए परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी

पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने सुरक्षा रोडमैप साझा करते हुए बताया कि लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग: प्रत्येक जुलूस की नंबरिंग की जाएगी और उनकी आवाजाही की पल-पल की जानकारी ली जाएगी।

तकनीकी सुरक्षा: पूरे शहर और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।

नियंत्रण कक्ष: जिले में तीन प्रमुख नियंत्रण कक्ष—हजारीबाग, बड़कागांव और बरही—में 24x7 संचालित होंगे।

जनसुविधाओं पर ध्यान: समितियों के सुझाव पर अमल

शांति समिति और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन्हें स्वीकार करते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया:

बिजली व पेड़ों की छंटाई: जुलूस मार्गों पर बिजली के लटकते तारों को ठीक करना और पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं पेयजल: प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, पेयजल टैंकर और सचल शौचालयों की व्यवस्था होगी।

महिला सुरक्षा: भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

आपातकालीन मार्ग: एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक रास्तों (Green Corridor) की व्यवस्था की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगाड़ने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी।

निष्कर्ष

बैठक में महापौर  अरविंद राणा, उप महापौर अविनाश यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, प्रशासन ने हजारीबाग की जनता से आग्रह किया कि वे आपसी भाईचारे के साथ इन पर्वों को मनाकर झारखंड की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को और सशक्त करें।

हजारीबाग: कटकमदाग के मरहन्द में प्रदूषण का तांडव, विधानसभा में गूँजी जनसमस्याएं; विक्की कुमार धान ने विधायक का जताया आभार

हजारीबाग: कटकमदाग के मरहन्द में प्रदूषण का तांडव, विधानसभा में गूँजी जनसमस्याएं; विक्की कुमार धान ने विधायक का जताया आभार

सम्पादकीय 
झारखंड विधानसभा में विधायक मथुरा प्रसाद महतो को ज्ञापन सौंपते विक्की कुमार धान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क): झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत बेस पंचायत के मरहन्द क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण और जनसमस्याओं का मुद्दा अब प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा तक पहुँच गया है। स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मुखर रहने वाले बेस पंचायत के पूर्व मुखिया प्रत्याशी विक्की कुमार धान ने टुंडी विधायक सह झामुमो के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो और बाल संरक्षण आयोग की सदस्य रुचि कुजूर के प्रति विशेष आभार प्रकट किया है।

12 मार्च की मुलाकात और ज्ञापन का असर

विक्की कुमार धान ने बताया कि उन्होंने विगत 12 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा परिसर में विधायक मथुरा प्रसाद महतो से औपचारिक मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मरहन्द क्षेत्र की बदहाली और उद्योगों के कारण दम घोटते पर्यावरण पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। विक्की ने विधायक से आग्रह किया था कि क्षेत्र की जनता गंभीर बीमारियों और प्रदूषण की मार झेल रही है, जिसे सदन के पटल पर रखना अनिवार्य है। विधायक ने इस मामले की गंभीरता को समझा और इसे विधानसभा में प्रमुखता से उठाया।

इन फैक्ट्रियों से त्रस्त है मरहन्द क्षेत्र

सौंपे गए ज्ञापन में विक्की कुमार धान ने स्पष्ट रूप से क्षेत्र में संचालित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों— नरसिंम्हा आयरन स्पंज, झारखंड सेल्स, जगतारनी और हिंदुस्तान जैसी फैक्ट्रियों का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि इन इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआं और अपशिष्ट पदार्थ न केवल हवा को प्रदूषित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जल स्रोतों को भी नष्ट कर रहे हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा घातक प्रभाव

विक्की कुमार धान ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि:

स्वास्थ्य संकट: प्रदूषण के कारण ग्रामीणों में सांस से जुड़ी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

खेती और आजीविका: फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण खेती योग्य भूमि धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है। किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

वन संपदा का विनाश: मरहन्द क्षेत्र के आसपास के घने जंगल इन उद्योगों की भेंट चढ़ रहे हैं, जिससे पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह डगमगा गया है।

दुर्घटनाओं का खतरा: भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन से क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

इस अवसर पर विक्की कुमार धान के साथ बाल संरक्षण आयोग की सदस्य रुचि कुजूर, रोजर नाइट, धर्मेंद्र ठाकुर, मुख्तार अंसारी सहित कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। विक्की ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि विधायक मथुरा प्रसाद महतो द्वारा सदन में आवाज उठाने के बाद राज्य सरकार इस पर कड़ा संज्ञान लेगी। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन फैक्ट्रियों की जांच करे और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पर्यावरण की सुरक्षा और ग्रामीणों का स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके।

राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी: अब व्हाट्सएप पर दर्ज होगी शिकायत, कोटेदार की मनमानी पर लगेगा लगाम

राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी: अब व्हाट्सएप पर दर्ज होगी शिकायत, कोटेदार की मनमानी पर लगेगा लगाम

सम्पादकीय 
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अब डिजिटल माध्यम से दर्ज होगी राशन संबंधी शिकायतें।

New Delhi: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अक्सर देखा जाता है कि राशन मिलने में देरी, कम वजन या कोटेदार के खराब व्यवहार के कारण गरीब जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PMGkay) के तहत शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है।

WhatsApp पर सिर्फ एक 'Hi' से समाधान

भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने एक आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर +91 9868200445 जारी किया है। अब आपको ब्लॉक या तहसील के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। बस इस नंबर को अपने फोन में सेव करें और 'Hi' लिखकर भेजें। इसके बाद आप अपनी भाषा चुनकर राशन कार्ड नंबर और अपनी शिकायत की जानकारी दे सकते हैं।

IVR और ऑनलाइन बैठकों का भी विकल्प

सिर्फ व्हाट्सएप ही नहीं, बल्कि सरकार ने अन्य माध्यम भी सक्रिय किए हैं:

IVRS सेवा: आप टोल-फ्री नंबर 14457 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

सीधे अधिकारियों से संवाद: हर बुधवार दोपहर 3:00 से 4:00 बजे के बीच एक ऑनलाइन शिकायत निवारण बैठक आयोजित की जाती है। इसमें जुड़कर आप सीधे सरकारी अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकते हैं।

क्यों जरूरी है यह कदम?

ग्रामीण इलाकों में अक्सर सूचना के अभाव में पात्र लाभार्थियों को उनके हक का अनाज नहीं मिल पाता। 'न्यूज़ प्रहरी' की पड़ताल में यह सामने आया है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' (ONORC) के तहत हर नागरिक को बिना किसी बाधा के उसका राशन मिले।

सावधान रहें: अपनी शिकायत दर्ज करते समय अपना ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। सरकारी अधिकारी कभी भी आपसे ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।

झारखंड: महिला आयोग की अनुपस्थिति पर अंबा प्रसाद का तीखा प्रहार, जल्द गठन की मांग

झारखंड: महिला आयोग की अनुपस्थिति पर अंबा प्रसाद का तीखा प्रहार, जल्द गठन की मांग

सम्पादकीय 
#Amba Prasad 

रांची: झारखंड की राजनीति में महिलाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द राज्य महिला आयोग के गठन की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयोग के अस्तित्व में न होने के कारण राज्य की आधी आबादी को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

न्याय की आस में भटक रही हैं महिलाएं

अंबा प्रसाद ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आयोग केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय का एक सुलभ द्वार है। इसकी अनुपस्थिति में घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अन्य अपराधों की शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं हो पा रहा है।

"जब जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, तो आम महिला का क्या?"

अंबा प्रसाद ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए एक बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, "मैं खुद एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हूँ। जब एक विधायक स्तर की महिला को न्याय पाने में इतनी कठिनाई हो रही है, तो दूर-दराज के गांवों में रहने वाली आम महिलाओं की स्थिति की कल्पना करना भी डरावना है।"

आयोग न होने के गंभीर दुष्परिणाम

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि महिला आयोग के न होने से निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं:

सुनवाई में देरी: पुलिस थानों के चक्कर लगाने के बाद भी महिलाओं को उचित परामर्श और कानूनी सहायता नहीं मिल पाती।

असुरक्षा का माहौल: अपराधियों के मन में डर कम होता है क्योंकि उन्हें पता है कि त्वरित निगरानी करने वाली कोई संस्था सक्रिय नहीं है। 

सरकारी योजनाओं का लाभ: महिलाओं के कल्याण के लिए बनी योजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावित होती है।

झारखंड सहित देश के कई राज्यों में महिला आयोगों के खाली पड़े पद एक राष्ट्रीय चर्चा का विषय हैं। अंबा प्रसाद की यह मांग न केवल राजनीतिक है, बल्कि मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार को चाहिए कि वह राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए इस संवैधानिक संस्था को अविलंब पुनर्जीवित करे।

क्या आपको लगता है कि महिला आयोग के बिना न्याय मिलना कठिन है?

झारखंड विधानसभा में गूँजी 'जल-जंगल-जमीन' की हुंकार: विधायक जयराम महतो ने भूमि अधिग्रहण और आरक्षण पर सरकार को घेरा

झारखंड विधानसभा में गूँजी 'जल-जंगल-जमीन' की हुंकार: विधायक जयराम महतो ने भूमि अधिग्रहण और आरक्षण पर सरकार को घेरा

सम्पादकीय 
Dumri Vidhayak Jairam Kumar Mahto 

Ranchi: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज उस समय गरमा गया जब डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने सदन में राज्य के मूल निवासियों के अस्तित्व, जमीन की लूट और समुदायों के आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। जयराम महतो ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में ऐतिहासिक संदर्भों के साथ वर्तमान सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल दागे।

जमीन नहीं, आत्मा बसती है खेतों में: जयराम महतो

विधायक महतो ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के लोगों की आत्मा उनकी जमीन और खेतों में बसती है। उन्होंने 1769 के चुहाड़ आंदोलन और रघुनाथ महतो के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि यहाँ के पूर्वजों ने अंग्रेजों से अपनी माटी बचाने के लिए सैकड़ों लड़ाइयाँ लड़ीं। उन्होंने 1837 के विल्किन्सन कानून, 1908 के CNT एक्ट और 1949 के SPT एक्ट की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ये कानून झारखंडियों की सुरक्षा के कवच थे, लेकिन आज आज़ाद भारत में इनका उल्लंघन चिंताजनक है।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर उठाए गंभीर सवाल

सदन में चर्चा के दौरान जयराम महतो ने देवघर एयरपोर्ट और अन्य परियोजनाओं के लिए हुए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून (धारा 26) के बावजूद, किसानों को बाजार मूल्य (Market Rate) के बजाय पुराने उत्पादन आधारित फॉर्मूले से मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने दुमका और देवघर के उदाहरण देते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारी किसानों का हक मार रहे हैं।

कुड़मी और केवट समाज के आरक्षण की पुरजोर वकालत

जयराम महतो ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ कुड़मी (महतो) और केवट (मल्लाह, निषाद) समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि 1872 से 1931 तक की जनगणना में कुड़मी समाज को 'एबोरिजिनल' (Aborigines) माना गया था, लेकिन 1950 में बिना किसी सूचना के उन्हें इस सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि टीआरआई (TRI) से दोबारा एथनोग्राफिक रिपोर्ट तैयार कराकर केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी जाए।

1932 खतियान और स्थानीय नीति पर स्पष्ट रुख

विधायक ने 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति को लेकर सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि 25 सालों के बाद भी राज्य की अपनी कोई ठोस स्थानीय नीति नहीं है, जिसके कारण बाहरी राज्यों के लोग यहाँ के हक-अधिकारों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि "स्थानीयता का मतलब किसी को राज्य से बाहर निकालना नहीं, बल्कि सरकारी सुविधाओं और नौकरियों में राज्य के मूल निवासियों को प्राथमिकता देना है।"

सचिवालय की कार्यशैली और तकनीक पर प्रहार

महतो ने सूचना प्रौद्योगिकी के युग में सरकारी अधिकारियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहाँ मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, वहीं राज्य के अधिकांश सचिव और प्रधान सचिव जनता की शिकायतों के प्रति असंवेदनशील हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारियों को भी सोशल मीडिया और तकनीक के माध्यम से जनता से सीधे जुड़ना चाहिए।

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता।
झारखंड विधानसभा के सदन में हजारीबाग की खेल सुविधाओं और स्टेडियम निर्माण की मांग रखते विधायक प्रदीप प्रसाद।

हजारीबाग : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक दूरदर्शी मांग रखी है। विधायक ने सदन का ध्यान हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र की जर्जर खेल संरचनाओं और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स की ओर खींचते हुए सरकार से बजट आवंटन की पुरजोर वकालत की।

कटकमसांडी का अधूरा सपना: कब पूरा होगा खिलाड़ियों का इंतज़ार?

विधायक श्री प्रसाद ने सदन पटल पर प्रमुखता से कटकमसांडी प्रखंड के अधूरे पड़े स्टेडियम का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण न केवल सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को अभ्यास के लिए मैदान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्टेडियम के पूरा होने से कटकमसांडी और आसपास के दर्जनों गांवों के एथलीटों को एक पेशेवर मंच मिलेगा।

सिलवार में जगन्नाथ धाम स्टेडियम: शहर की बढ़ती जरूरतों का समाधान

हजारीबाग शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए, सदर प्रखंड के सिलवार स्थित जगन्नाथ धाम में एक नए और आधुनिक स्टेडियम की मांग रखी गई है। विधायक ने तर्क दिया कि शहर के मौजूदा मैदानों पर दबाव बढ़ रहा है। एक सुसज्जित स्टेडियम न केवल अभ्यास के लिए बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी अनिवार्य है। इससे हजारीबाग में खेल पर्यटन (Sports Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल: कटकमदाग और दारू प्रखंड

विधायक प्रदीप प्रसाद का दृष्टिकोण केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कटकमदाग और दारू प्रखंड में भी नए खेल स्टेडियमों के निर्माण की आवश्यकता जताई। उनका मानना है कि झारखंड के गांवों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो केवल उचित बुनियादी ढांचे की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनने से युवाओं का झुकाव नशाखोरी जैसी बुराइयों से हटकर सकारात्मक खेल गतिविधियों की ओर बढ़ेगा।

एडसेंस विशेष विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह मांग?

विधायक की इस पहल का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग को झारखंड का 'स्पोर्ट्स हब' बनाना है। वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई प्रतिभावान खिलाड़ी बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। यदि सरकार इन प्रस्तावित परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए बजट जारी करती है, तो इससे न केवल खेल संस्कृति मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से आग्रह किया है कि इन परियोजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर, धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। 

झारखंड विधानसभा में गूंजी अधिवक्ताओं की आवाज: विधायक प्रदीप प्रसाद ने की 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने की मांग

हज़ारीबाग: रामनवमी से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, भगहर में अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

हज़ारीबाग: रामनवमी से पहले उत्पाद विभाग का बड़ा एक्शन, भगहर में अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

नरेश सोनी विशेष संवाददाता।
हज़ारीबाग के भगहर में छापेमारी के बाद जब्त की गई अवैध शराब बनाने की सामग्री और ट्रैक्टर के साथ उत्पाद विभाग की टीम।

हज़ारीबाग (News Prahari): आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए हज़ारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था भंग न हो और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके, इसके लिए उपायुक्त महोदय द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में हज़ारीबाग उत्पाद विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश किया गया है।

पहाड़ी की तलहटी में चल रहा था अवैध धंधा

सहायक आयुक्त उत्पाद, हज़ारीबाग के दिशा-निर्देशानुसार गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम भगहर में छापेमारी की। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने पाया कि पहाड़ी के किनारे सुनसान इलाके का फायदा उठाकर अवैध शराब बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से एक ट्रैक्टर वाहन को जब्त किया है, जिसका उपयोग शराब की तस्करी और सामग्री ढोने के लिए किया जा रहा था।

बरामद सामग्री की सूची (प्रारंभिक रिपोर्ट)

छापेमारी स्थल से विभाग ने भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की है, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि यहाँ बड़े पैमाने पर 'नकली विदेशी शराब' तैयार की जा रही थी। बरामद वस्तुओं में शामिल हैं:

भारी मात्रा में अवैध (सुषव) स्पिरिट।

तैयार नकली विदेशी शराब की बोतलें।

शराब बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न रसायन और सामग्री।

हजारों की संख्या में खाली बोतलें और ढक्कन।

विभिन्न ब्रांडों के नकली रैपर और होलोग्राम।

एडसेंस फ्रेंडली विश्लेषण: क्यों खतरनाक है यह अवैध शराब?

उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि जन-स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। अक्सर पर्व-त्योहारों के समय मांग बढ़ने पर अपराधी स्पिरिट और रसायनों के मिश्रण से ज़हरीली शराब बनाते हैं। यह शराब न केवल राजस्व की चोरी है, बल्कि इसे पीने से लोगों की जान भी जा सकती है। हज़ारीबाग उपायुक्त के आदेश पर की गई यह 'सघन छापेमारी' अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है।

आगे की कार्रवाई और गणना

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी बरामद सामग्री की विस्तृत गणना (Counting) की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह खेप लाखों की बताई जा रही है। गणना पूरी होने के बाद विभाग प्राथमिकी दर्ज कर इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए दबिश बढ़ाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रामनवमी के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Dhanbad Police Encounter: प्रिंस खान गैंग पर पुलिस का काल बनकर टूटा कहर, एक हफ्ते में दूसरी मुठभेड़, 3 दबोचे गए

Dhanbad Police Encounter: प्रिंस खान गैंग पर पुलिस का काल बनकर टूटा कहर, एक हफ्ते में दूसरी मुठभेड़, 3 दबोचे गए

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
धनबाद के भागाबांध में मुठभेड़ के बाद छानबीन करती पुलिस टीम और क्षतिग्रस्त पीसीआर वैन। (Photo: News Post)

Dhanbad News Update: झारखंड के कोयलांचल में आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान (Prince Khan) के साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस अब 'फुल एक्शन' मोड में है। सोमवार तड़के धनबाद के भागाबांध आउटपोस्ट क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा एनकाउंटर है, जिसने अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी

मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रांची और धनबाद पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई। रांची पुलिस को इनपुट मिला था कि शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित एक होटल में हुई फायरिंग की घटना में शामिल शूटर धनबाद के भागाबांध इलाके में छिपे हैं।

सूचना के आधार पर जब पुलिस ने तड़के केंदुआडीह बस्ती के पास घेराबंदी की, तो अपराधियों ने खुद को घिरता देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस मुठभेड़ में पुलिस की एक PCR वैन क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन जवानों की तत्परता से तीन कुख्यात अपराधी दबोच लिए गए।

गिरफ्तार अपराधियों की कुंडली

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जिन तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम और पृष्ठभूमि इस प्रकार हैं:

विक्की डोम: धनबाद का स्थानीय निवासी और गैंग का सक्रिय सदस्य।

 अफजल: धनबाद निवासी, जो रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा है।

 अमन सिंह उर्फ कुबेर सिंह: यह मूल रूप से पलामू का रहने वाला है और प्रिंस खान गैंग के लिए 'शूटर' का काम करता था।

पुलिस के अनुसार, ये अपराधी न केवल रांची होटल फायरिंग, बल्कि धनबाद के चर्चित फहीम खान के बेटे इकबाल खान के ड्राइवर पर हुई फायरिंग में भी मुख्य आरोपी थे।

मौके से बरामदगी और FSL की जांच

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में कारतूस, जिंदा बम और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची से FSL (Forensic Science Laboratory) और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि फरार अन्य तीन अपराधियों की तलाश में विशेष टीम छापेमारी कर रही है।

8 मार्च को भी हुआ था एनकाउंटर

बता दें कि इससे पहले 8 मार्च को गोविंदपुर थाना क्षेत्र के फायरिंग रेंज के पास पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस घटना में शूटर सुदीश ओझा को गोली लगी थी, जबकि सरायढेला थाना के एक दारोगा भी घायल हुए थे। बैक-टू-बैक इन एनकाउंटर्स ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।

दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर पर गिरी गाज: वायरल वीडियो में नेताओं पर लगाए थे गंभीर आरोप, अब नपे

दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर पर गिरी गाज: वायरल वीडियो में नेताओं पर लगाए थे गंभीर आरोप, अब नपे 

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
दिल्ली पुलिस ने अनुशासनहीनता के आरोप में इंस्पेक्टर राजीव को पदमुक्त कर डिस्ट्रिक्ट लाइन्स भेजा।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने दिल्ली पुलिस के गलियारों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। इस वीडियो में भारत नगर थाने के कार्यवाहक एसएचओ (SHO) रहे इंस्पेक्टर राजीव को जनता के बीच कुछ ऐसी बातें कहते सुना गया, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को पद से हटा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अशोक विहार के एटीओ (ATO) इंस्पेक्टर राजीव, जो नियमित एसएचओ की अनुपस्थिति में भारत नगर थाने का प्रभार संभाल रहे थे, एक सार्वजनिक बातचीत के दौरान विवादित बयान दे बैठे। वीडियो में उन्हें यह आरोप लगाते सुना गया कि नशे के कारोबार और अन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को जनप्रतिनिधियों (नेताओं) के कहने पर छोड़ दिया जाता है।

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, दिल्ली पुलिस की छवि पर सवाल उठने लगे। पुलिस मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया कि इंस्पेक्टर द्वारा कही गई बातें पूरी तरह से निराधार और गैर-जिम्मेदाराना हैं।

दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इंस्पेक्टर राजीव के बयान उनके निजी विचार हो सकते हैं, लेकिन यह विभाग के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते। विभाग ने इसे 'घोर कदाचार' (Gross Misconduct) माना है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

इंस्पेक्टर राजीव को तत्काल प्रभाव से एसएचओ के पद से हटा दिया गया है।

उन्हें डिस्ट्रिक्ट लाइन्स (District Lines) भेज दिया गया है।

विभाग ने उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है।

'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह बिना किसी बाहरी दबाव या हस्तक्षेप के कानून के दायरे में रहकर काम करती है। पुलिस का कहना है कि वे मादक पदार्थों (Narcotics) और अन्य अपराधों के खिलाफ निरंतर अभियान चला रहे हैं और समाज में अपराध के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो से जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल होती है, यही कारण है कि विभाग ने बिना समय गंवाए आरोपी अधिकारी पर डंडा चलाया है। यह कार्रवाई अन्य पुलिस कर्मियों के लिए भी एक संदेश है कि सार्वजनिक मंच पर बिना तथ्यों के बयानबाजी भारी पड़ सकती है। 

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हजारीबाग रामनवमी 2026: शांति और सौहार्द के लिए जिला प्रशासन का 'मास्टर प्लान', जानें बैठकों का पूरा शेड्यूल

हजारीबाग रामनवमी 2026: शांति और सौहार्द के लिए जिला प्रशासन का 'मास्टर प्लान', जानें बैठकों का पूरा शेड्यूल

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग समाहरणालय में रामनवमी की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक।

हजारीबाग, न्यूज़ प्रहरी: झारखंड के हजारीबाग की विश्वप्रसिद्ध रामनवमी को लेकर इस वर्ष भी उत्साह चरम पर है। पर्व के सफल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 151/15.03.2026) के अनुसार, प्रशासन ने विभिन्न पूजा समितियों, अखाड़ा अध्यक्षों और शांति समिति के सदस्यों के साथ चरणबद्ध तरीके से महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है।

प्रशासनिक सतर्कता और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश

इस वर्ष का रामनवमी आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बैठकों का मुख्य एजेंडा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराना है। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि भक्तों की आस्था भी सुरक्षित रहे और शहर की विधि-व्यवस्था भी सुदृढ़ बनी रहे।

बैठकों का विस्तृत शेड्यूल: नोट कर लें तारीखें

जिला प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं ताकि सूक्ष्म स्तर पर चर्चा की जा सके:

हजारीबाग शहर क्षेत्र: 16 मार्च 2026 को पैराडाइज रिजॉर्ट में हजारीबाग क्षेत्र की पूजा समितियों और आयोजकों के साथ संवाद होगा।

बड़कागांव एवं केरेडारी क्षेत्र: 18 मार्च 2026 को बड़कागांव प्रखंड परिसर में क्षेत्रीय अखाड़ों और समितियों की बैठक बुलाई गई है।

बरही अनुमंडल: 20 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे नगर भवन सभागार, बरही में अनुमंडल के सभी अखाड़ों और समितियों के साथ चर्चा की जाएगी।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगी पैनी नजर

बैठकों के दौरान प्रशासन केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन 5 बिंदुओं पर कड़ाई से चर्चा करेगा:

ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण: जुलूस के दौरान डीजे और साउंड सिस्टम के लिए निर्धारित डेसिबल मानकों का पालन।

यातायात प्रबंधन: शहर में रूट डायवर्जन और नो-एंट्री जोन की जानकारी ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

स्वच्छता व्यवस्था: जुलूस मार्ग और अखाड़ा स्थलों पर सफाई के विशेष इंतजाम।

ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी: संवेदनशील इलाकों में तकनीक के जरिए निगरानी की योजना।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई का प्रावधान।

सद्भावना समिति की भूमिका

हजारीबाग की रामनवमी अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए भी जानी जाती है। प्रशासन इस बार सद्भावना समिति और शांति समिति के सदस्यों को सक्रिय कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना इतने बड़े आयोजन को सफल बनाना संभव नहीं है। सभी अखाड़ा अध्यक्षों और सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वॉलंटियर्स की सूची तैयार रखें।

निष्कर्ष: सहयोग ही सफलता की कुंजी

हजारीबाग जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे निर्धारित बैठकों में ससमय उपस्थित हों। यह केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और भव्य रामनवमी की नींव है। न्यूज़ प्रहरी भी सभी नागरिकों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। हजारीबाग: राजस्व वसूली में लापरवाही पर कमिश्नर सख्त, अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर नकेल कसने का आदेश

एनटीपीसी पकरी बरवाडीह की सराहनीय पहल: हजारीबाग के बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य और स्वच्छता का उपहार

एनटीपीसी पकरी बरवाडीह की सराहनीय पहल: हजारीबाग के बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य और स्वच्छता का उपहार

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
"हजारीबाग के सिरसी स्थित बालिका विद्यालय में छात्राओं को मेडिकल किट सौंपतीं मुख्य अतिथि अनिता दास एवं अन्य अधिकारी।"

हजारीबाग (कटकमदाग): शिक्षा के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण एक उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए, एनटीपीसी (NTPC) की पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना ने एक बार फिर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) का परिचय दिया है। कटकमदाग प्रखंड के सिरसी ग्राम स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में एनटीपीसी द्वारा छात्राओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

छात्राओं को मिले 350 मेडिकल किट और आधुनिक RO मशीनें

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं के बीच 350 मेडिकल किट का वितरण और विद्यालय परिसर में दो हाई-टेक आरओ (RO) मशीनों की स्थापना रहा। आवासीय विद्यालय में रहने वाली छात्राओं को अक्सर छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता होती है। एनटीपीसी द्वारा प्रदान की गई मेडिकल किट में फर्स्ट-एड की तमाम जरूरी सामग्रियां शामिल हैं, जो आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत पहुँचाने में सहायक होंगी।

वहीं, शुद्ध पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए लगाए गए आरओ प्लांट से अब छात्राओं को जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) से सुरक्षा मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, स्वच्छ पानी की उपलब्धता से छात्राओं की उपस्थिति और उनके स्वास्थ्य ग्राफ में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

जागृति महिला संघ की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जागृति महिला संघ की अध्यक्ष अनिता दास उपस्थित थीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, "एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। यदि बेटियाँ स्वस्थ रहेंगी, तभी वे शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर पाएंगी।" उनके साथ संघ की सचिव साबनो चौधरी ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

एनटीपीसी की वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. नूतन कुमारी ने इस दौरान स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने जताया आभार

इस अवसर पर विद्यालय के वार्डन राजकुमार साहू, लेखपाल किरण कुमारी, अल्पना सिंह, अमरेन्द्र रंजन, आकांक्षा कुमारी, और अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। ग्रामीणों और अभिभावकों ने एनटीपीसी की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। लोगों का मानना है कि इस तरह के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलती है।

एडसेंस के लिए विशेष विश्लेषण (Value Addition)

अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है, जिसे एनटीपीसी जैसे संस्थान अपनी सीएसआर गतिविधियों के जरिए पूरा कर रहे हैं। यह न केवल एक वितरण कार्यक्रम है, बल्कि यह सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। झारखंड के दूर-दराज के इलाकों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसी बुनियादी सुविधाएं मील का पत्थर साबित होती हैं। 

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